Edited By Mahima,Updated: 21 Dec, 2023 04:40 PM

अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में भगवान श्री राम की ससुराल यानी बिहार के मिथिला से पग, पान और मखाना पहुंचाया जाएगा। इन उपहारों की व्यवस्था पटना का प्रसिद्ध महावीर मंदिर करेगा।
नेशनल डेस्क: अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में भगवान श्री राम की ससुराल कहे जाने वाले बिहार के मिथिला से पाग, पान और मखाना तथा सोने से बना धनुष-बाण पहुंचाया जाएगा। इन उपहारों की व्यवस्था पटना का प्रसिद्ध महावीर मंदिर करेगा। महावीर मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव एवं भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी किशोर कुणाल ने बृहस्पतिवार को 'पीटीआई-भाषा' को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि भगवान राम अर्से बाद अपने 'घर' वापस आ रहे हैं। इस शुभ अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिये वह खुद महावीर मंदिर की तरफ से आगामी 15 जनवरी को अयोध्या पहुंचेंगे और भगवान को मिथिला की परम्परा के मुताबिक नजराने के तौर पर पाग (पगड़ी) और पर्याप्त मात्रा में पान तथा मखाना भेंट करेंगे। उन्होंने बताया कि मिथिला में ही भगवान राम द्वारा धनुष तोड़े जाने के बाद उनका माता सीता से विवाह हुआ था।

इसके मद्देनजर महावीर मंदिर प्रबंधन ने रामलला को सोने से बना धनुष और बाण भी भेंट करने का फैसला किया है। यह भी 15 जनवरी को ही दिया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, राम की पत्नी माता सीता मिथिला की थीं। कुणाल ने बताया कि 15 जनवरी से एक महीने तक अयोध्या में महावीर मंदिर द्वारा भक्तों के लिए एक भव्य लंगर भी चलाया जाएगा। कुणाल ने बताया, ‘‘उद्घाटन समारोह के लिए देशभर से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए राम रसोई 15 जनवरी से 15 फरवरी तक सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक चलेगी।''

उन्होंने दावा किया कि उच्चतम न्यायालय में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई के दौरान राम मंदिर के पक्ष में अहम साक्ष्य उपलब्ध कराने में महावीर मंदिर ने अहम भूमिका निभाई। कुणाल ने बताया कि राम मंदिर निर्माण के लिए महावीर मंदिर ने 10 करोड़ रुपये का योगदान देने का ऐलान किया था। उसमें से आठ करोड़ रुपये दिये जा चुके हैं। बाकी दो करोड़ रुपये की राशि उद्घाटन से पहले 15 जनवरी को दी जायेगी। कुणाल के मुताबिक, राम मंदिर निर्माण के लिए अकेले किसी संगठन या व्यक्ति द्वारा दी गई यह सबसे बड़ी रकम है। अयोध्या में बन रहे भव्य मंदिर में रामलला (भगवना राम के बाल स्वरूप) की प्राण-प्रतिष्ठा आगामी 22 जनवरी को की जाएगी। इसके लिये बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं।