Edited By Ramanjot,Updated: 21 Feb, 2026 05:44 PM

उच्च शिक्षा क्षेत्र में बड़ा खुलासा हुआ है। University Grants Commission (UGC) ने फरवरी 2026 में देशभर के 32 संस्थानों को फर्जी विश्वविद्यालय घोषित कर दिया है।
नेशनल डेस्क: उच्च शिक्षा क्षेत्र में बड़ा खुलासा हुआ है। University Grants Commission (UGC) ने फरवरी 2026 में देशभर के 32 संस्थानों को फर्जी विश्वविद्यालय घोषित कर दिया है। ये संस्थान बिना वैधानिक मान्यता के डिग्री प्रदान कर रहे थे। आयोग ने साफ कहा है कि इन संस्थानों की ओर से जारी कोई भी डिग्री कानूनी रूप से मान्य नहीं होगी। UGC ने यह सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करते हुए छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता अवश्य जांचें।
फर्जी संस्थानों की संख्या में बढ़ोतरी
पिछले वर्षों की तुलना में इस बार फर्जी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ी है। 2025 में जहां करीब 22 संस्थान सूची में थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 32 हो गई है। इससे संकेत मिलता है कि अवैध डिग्री बांटने का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है और बड़ी संख्या में छात्र जोखिम में हैं।
दिल्ली में सबसे ज्यादा फर्जी संस्थान
राजधानी दिल्ली इस सूची में शीर्ष पर है। यहां कुल 12 संस्थानों को अवैध घोषित किया गया है। इनमें शामिल प्रमुख नाम हैं:
- All India Institute of Public & Physical Health Sciences (AIIPHS)
- Commercial University Ltd.
- United Nations University
- Vocational University
- ADR-Centric Juridical University
- Indian Institute of Science and Engineering
- Viswakarma Open University for Self-Employment
- Adhyatmik Vishwavidyalaya (Spiritual University)
- World Peace of United Nations University (WPUNU)
- Institute of Management and Engineering
- Mountain Institute of Management & Technology
- National Institute of Management Solution
ये संस्थान राजधानी के विभिन्न इलाकों में संचालित हो रहे थे।
किन-किन राज्यों में फैले हैं फर्जी विश्वविद्यालय?
UGC के अनुसार कुल 12 राज्यों में ये अवैध संस्थान सक्रिय पाए गए हैं:
- उत्तर प्रदेश – 4
- आंध्र प्रदेश – 2
- कर्नाटक – 2
- केरल – 2
- महाराष्ट्र – 2
- पुडुचेरी – 2
- पश्चिम बंगाल – 2
- राजस्थान – 1
- हरियाणा – 1
- झारखंड – 1
- अरुणाचल प्रदेश – 1
डिग्री होगी बेकार, करियर पर पड़ेगा असर
UGC ने स्पष्ट किया है कि इन संस्थानों से प्राप्त डिग्री सरकारी नौकरियों में मान्य नहीं होगी। उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रतियोगी परीक्षाओं में मान्य नहीं होगी। यानी यदि छात्र ऐसे संस्थान में दाखिला लेते हैं तो उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो सकता है।
एडमिशन से पहले ऐसे करें जांच
छात्र किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने से पहले UGC की वेबसाइट पर जाकर यह अवश्य जांचें कि संस्थान को Section 2(f) और 12(B) के तहत मान्यता प्राप्त है या नहीं। Section 22 के तहत डिग्री देने का अधिकार है या नहीं। सिर्फ वेबसाइट या आकर्षक विज्ञापन देखकर एडमिशन न लें।