Edited By Anu Malhotra,Updated: 02 Jun, 2026 08:34 AM

भारत के लगभग 30 लोगों को, जो US में अवैध रूप से रह रहे थे और कमर्शियल ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे थे, एक फेडरल ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और जल्द ही उन्हें देश से निकाल दिया जाएगा।
इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे और वाणिज्यिक ट्रक चालक के तौर पर काम कर रहे भारत के करीब 30 लोगों को एक संघीय अभियान के तहत गिरफ्तार किया गया है और उन्हें जल्द निर्वासित किया जाएगा। अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (सीबीपी) ने सोमवार को एक बयान में बताया कि एरिजोना में युमा सेक्टर के सीमा गश्त एजेंटों ने 11 से 15 मई के दौरान अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 52 लोगों को 'ऑपरेशन चेकमेट' के तहत गिरफ्तार किया जिनमें से 36 ट्रक चलाते पाए गए।
गिरफ्तार किए गए इन अवैध ट्रक चालकों में 30 भारत से हैं जबकि बाकी छह मेक्सिको, अल सल्वाडोर और रूस से हैं। उनके पास कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, वाशिंगटन और वर्जीनिया जैसे राज्यों के वाणिज्यिक चालक लाइसेंस थे जबकि कुछ के पास किसी भी तरह का चालक लाइसेंस नहीं था। इनमें से अधिकतर लोगों के पास ऐसे रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज थे जो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के नेतृत्व वाले प्रशासन के दौरान हासिल किए गए थे और अब वैध नहीं हैं। सभी लोगों के खिलाफ संघीय कानून के तहत कार्रवाई की गई है और उन्हें निर्वासित किया जाएगा।
'ऑपरेशन चेकमेट' का उद्देश्य देश में अवैध रूप से रह रहे और commercial motor vehicles चला रहे लोगों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करना और आव्रजन कानूनों को लागू कर सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करना है। अमेरिकी सीमा गश्त के युमा सेक्टर के कार्यवाहक मुख्य गश्त एजेंट डस्टिन कॉडल ने कहा, ''ऑपरेशन चेकमेट समुदायों और सड़कों को ऐसे चालकों से सुरक्षित रखने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है जो गैरकानूनी रूप से रहकर वाहन चलाते हैं और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा करते हैं।''
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन के तहत परिवहन विभाग ने अयोग्य विदेशी चालकों को वाणिज्यिक ट्रक और बस चलाने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने से रोकने का आदेश जारी किया है। पिछले कई महीनों में अमेरिका में वाणिज्यिक वाहन चलाते समय घातक हादसे करने के आरोप में भारतीय मूल के ट्रक चालकों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने के मामले सामने आए हैं।