Edited By Parveen Kumar,Updated: 10 Oct, 2026 07:51 PM

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तमिल संस्कृति, भाषा और इतिहास पर हमला नहीं करने देंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यहां 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी...
नेशनल डेस्क : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तमिल संस्कृति, भाषा और इतिहास पर हमला नहीं करने देंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यहां 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा तमिलनाडु की संस्कृति, भाषा और इतिहास पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिसीमन के जरिए तमिलनाडु को निशाना बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गांधी ने कहा, ''जब मैं महान भूमि तमिलनाडु आता हूं, तो मुझे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। जिज्ञासा आपकी तरक्की की बुनियाद है। कोई भी अच्छा काम सवाल पूछने से शुरू होता है और जिज्ञासा का आधार सवाल पूछना है।'' उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना बेहद महत्वपूर्ण है और जिज्ञासा को बढ़ावा देना शिक्षा का अहम हिस्सा है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिज्ञासा को नष्ट कर रहे हैं और ऐसा नयी शिक्षा नीति के जरिए किया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में तीन भाषा के फार्मूले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इसे तमिलनाडु पर थोपा जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों को नियुक्त किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि अमित शाह खुले तौर पर कहते हैं कि तमिलनाडु पर हिंदी थोपी जाएगी। उन्होंने कहा कि तमिल भाषा, संस्कृति और इतिहास की रक्षा करना जरूरी है। कांग्रेस नेता ने इस बात पर जोर दिया कि वह तमिलनाडु की पहचान और उसकी सांस्कृतिक विरासत पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे।