Edited By Mansa Devi,Updated: 06 Feb, 2026 02:22 PM

सर एक गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर की कुछ कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर बढ़ने लगती हैं। धीरे-धीरे ये असामान्य कोशिकाएं आसपास के टिश्यू और अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती हैं।
नेशनल डेस्क: कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर की कुछ कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर बढ़ने लगती हैं। धीरे-धीरे ये असामान्य कोशिकाएं आसपास के टिश्यू और अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती हैं। यह बीमारी शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है, लेकिन मेडिकल आंकड़ों के मुताबिक कुछ अंग ऐसे हैं जहां कैंसर के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं।
किस अंग में कैंसर होगा, यह कई बातों पर निर्भर करता है। जैसे उस अंग की कोशिकाओं में बदलाव की गति, व्यक्ति की उम्र, जेनेटिक कारण, पर्यावरणीय असर और जीवनशैली की आदतें। पुरुष और महिलाएं अलग-अलग तरह के कैंसर से ज्यादा प्रभावित होते हैं और उम्र बढ़ने के साथ जोखिम भी बढ़ता जाता है।
दुनिया में सबसे ज्यादा पाए जाने वाले कैंसर
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, दुनियाभर में कुछ प्रकार के कैंसर सबसे ज्यादा सामने आते हैं। इनमें फेफड़ों का कैंसर, स्तन कैंसर, बड़ी आंत का कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, लिवर कैंसर और पेट का कैंसर प्रमुख हैं। फेफड़ों का कैंसर आमतौर पर सांस की नलियों की अंदरूनी परत से शुरू होता है। लंबे समय तक धूम्रपान करना, वायु प्रदूषण और जहरीले रसायनों के संपर्क में रहना इसका बड़ा कारण माना जाता है। स्तन कैंसर ब्रेस्ट की ग्रंथियों और नलिकाओं में विकसित होता है और इसमें हार्मोनल बदलाव अहम भूमिका निभाते हैं।
कोलोरेक्टल यानी बड़ी आंत और मलाशय का कैंसर उन हिस्सों में होता है, जहां कोशिकाओं का नवीनीकरण तेजी से होता रहता है। प्रोस्टेट कैंसर अधिकतर बुजुर्ग पुरुषों में देखा जाता है और यह प्रोस्टेट ग्रंथि से जुड़ा होता है। लिवर कैंसर लंबे समय तक लिवर की बीमारी, वायरल इंफेक्शन या शराब के ज्यादा सेवन से जुड़ा हो सकता है। वहीं पेट का कैंसर पेट की अंदरूनी परत में बनता है और इसका संबंध गलत खान-पान और बैक्टीरियल संक्रमण से पाया गया है।
कैंसर होने के मुख्य कारण
कैंसर तब होता है जब कोशिकाओं की वृद्धि को नियंत्रित करने वाले जीन खराब हो जाते हैं। यह खराबी जन्म से हो सकती है या समय के साथ विकसित हो सकती है। तंबाकू का सेवन, लंबे समय तक इंफेक्शन, रेडिएशन, हार्मोनल असंतुलन, जहरीले रसायन और लगातार सूजन कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं।
किन लोगों में खतरा ज्यादा होता है?
50 साल से अधिक उम्र के लोग, धूम्रपान या तंबाकू का सेवन करने वाले, ज्यादा शराब पीने वाले, मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति, शारीरिक गतिविधि की कमी, असंतुलित आहार, पारिवारिक इतिहास और प्रदूषित वातावरण में रहने वाले लोगों में कैंसर का खतरा ज्यादा देखा जाता है।
कैसे करें बचाव और समय रहते पहचान
कैंसर से बचाव के लिए तंबाकू छोड़ना, संतुलित और पौष्टिक आहार लेना, नियमित व्यायाम करना, शराब सीमित मात्रा में लेना और जरूरी टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है। समय-समय पर हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग से बीमारी को शुरुआती चरण में ही पकड़ा जा सकता है।
आज के समय में कैंसर का इलाज
कैंसर का इलाज उसकी स्टेज और मरीज की सेहत पर निर्भर करता है। सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और हार्मोन थेरेपी इलाज के प्रमुख तरीके हैं। गंभीर मामलों में पेलिएटिव केयर के जरिए दर्द कम करने और मरीज की जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाता है।