Edited By Parveen Kumar,Updated: 02 Feb, 2026 09:27 PM

आम बजट 2026-27 में सरकार ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत दी है। कैंसर के इलाज को और सुलभ बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 17 अहम कैंसर रोधी दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त करने का फैसला किया है। इस कदम से महंगे...
नेशनल डेस्क : आम बजट 2026-27 में सरकार ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत दी है। कैंसर के इलाज को और सुलभ बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 17 अहम कैंसर रोधी दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त करने का फैसला किया है। इस कदम से महंगे इलाज पर निर्भर हजारों मरीजों की जेब पर पड़ने वाला बोझ कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है।
सरकार के इस फैसले से ब्रेस्ट, लंग, ब्लड, प्रोस्टेट और कुछ दुर्लभ कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक दवाएं सस्ती हो सकती हैं। ये दवाएं नई पीढ़ी के ट्रीटमेंट का हिस्सा हैं, जिनका इस्तेमाल आजकल इम्यूनोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी और सेल-बेस्ड इलाज में किया जाता है।
क्यों अहम है कस्टम ड्यूटी में छूट?
भारत में आयात होने वाली दवाओं पर कस्टम ड्यूटी लगती है, जिससे उनकी कीमत बढ़ जाती है। जब सरकार इस टैक्स को हटा देती है, तो दवाओं की लागत घटती है और उसका सीधा फायदा मरीजों तक पहुंचता है। अब इन 17 दवाओं के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी, जिससे अस्पतालों और दवा कंपनियों को कम खर्च उठाना होगा और इलाज पहले से ज्यादा किफायती हो सकेगा।
इलाज लंबा, खर्च भारी
कैंसर का इलाज सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी मरीज और उसके परिवार को तोड़ देता है। कई मामलों में इलाज महीनों या सालों तक चलता है और दवाओं का खर्च लगातार बढ़ता जाता है। ऐसे में दामों में थोड़ी-सी भी राहत परिवारों के लिए बड़ा सहारा बन सकती है।
सरकार की प्राथमिकता में हेल्थकेयर
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बजट 2026-27 में लिया गया यह फैसला दिखाता है कि सरकार गंभीर बीमारियों के इलाज को अपनी स्वास्थ्य नीति के केंद्र में रख रही है। भले ही कैंसर का कुल इलाज अब भी महंगा हो, लेकिन कस्टम ड्यूटी में छूट से मरीजों का आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च कम होने की उम्मीद है।
मरीजों के लिए क्या बदलेगा?
इन दवाओं का इस्तेमाल एडवांस स्टेज के कैंसर में व्यापक रूप से होता है और कई मरीजों के लिए ये जीवनरक्षक साबित होती हैं। कीमतों में संभावित गिरावट से ज्यादा मरीज आधुनिक इलाज तक पहुंच बना सकेंगे।
ये 17 दवाएं हुई सस्ती
- Ribociclib
- Abemaciclib
- Talycabtagene autoleucel
- Tremelimumab
- Venetoclax
- Ceritinib
- Brigatinib
- Darolutamide
- Toripalimab
- Serplulimab
- Tislelizumab
- Inotuzumab ozogamicin
- Ponatinib
- Ibrutinib
- Dabrafenib
- Trametinib
- Ipilimumab