क्या दिल्ली में पूरी तरह बंद होंगी पुरानी गाड़ियां? सरकार के नए प्लान से बढ़ी चिंता

Edited By Updated: 07 Feb, 2026 03:24 AM

will older vehicles be completely banned in delhi

दिल्ली–एनसीआर में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार अब पुराने वाहनों पर और सख्ती करने की तैयारी कर रही है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) प्रदूषण कम करने के लिए एक नया और विस्तृत रोडमैप बना रहा है। इस योजना के तहत दिल्ली की सड़कों से...

नेशनल डेस्कः दिल्ली–एनसीआर में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार अब पुराने वाहनों पर और सख्ती करने की तैयारी कर रही है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) प्रदूषण कम करने के लिए एक नया और विस्तृत रोडमैप बना रहा है। इस योजना के तहत दिल्ली की सड़कों से BS-I, BS-II और BS-III श्रेणी के पुराने वाहनों को पूरी तरह हटाने पर विचार किया जा रहा है।

इतना ही नहीं, अगले पांच सालों में BS-IV वाहनों को भी चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना पर काम चल रहा है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद दिल्ली की हवा को साफ करना और लोगों को सांस संबंधी गंभीर बीमारियों से बचाना है।

कब और कैसे हटेंगी पुरानी गाड़ियां?

एक रिपोर्ट के मुताबिक, IIT मद्रास के प्रोफेसर अशोक झुनझुनवाला की अध्यक्षता वाली समिति ने इस मुद्दे पर एक ड्राफ्ट रोडमैप तैयार किया है। इस प्रस्ताव को फिलहाल फीडबैक के लिए विभिन्न पक्षों के साथ साझा किया गया है।

इस प्रस्ताव में सिफारिश की गई है कि:

  • BS-I, BS-II और BS-III वाहनों को तुरंत बंद किया जाए।

  • BS-IV वाहनों को अगले 5 साल में धीरे-धीरे सड़कों से हटाया जाए।

  • BS-VI वाहनों को 2035 से 2040 के बीच चरणबद्ध तरीके से हटाया जाए।

समिति ने यह भी बताया कि जब दिल्ली का AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 250 से ऊपर चला जाता है, तो एक नवजात बच्चा रोजाना लगभग 10 से 15 सिगरेट के बराबर प्रदूषण सांस के जरिए लेता है। यह स्थिति बेहद खतरनाक और चिंताजनक है।

कमर्शियल वाहनों पर ज्यादा सख्ती क्यों?

इस रोडमैप में खास तौर पर कमर्शियल वाहनों पर कड़ी नजर रखी गई है, क्योंकि ये निजी गाड़ियों की तुलना में ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं। समिति का मानना है कि नए पेट्रोल और डीजल वाहनों की बिक्री धीरे-धीरे कम की जानी चाहिए और इलेक्ट्रिक व हाइड्रोजन वाहनों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। प्रस्ताव के मुताबिक अप्रैल 2027 के बाद रजिस्टर होने वाले सभी नए कमर्शियल दोपहिया वाहन और टैक्सियां केवल इलेक्ट्रिक या जीरो-एमिशन श्रेणी की होनी चाहिए।

आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?

सरकार यह भी जानती है कि हाल के वर्षों में लोगों ने BS-VI वाहन खरीदे हैं, और इन्हें अचानक बंद करना उचित नहीं होगा। इसलिए BS-VI कारों और दोपहिया वाहनों के लिए 10 से 15 साल का ट्रांजिशन पीरियड देने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, ज्यादा प्रदूषण वाले महीनों (जैसे नवंबर–जनवरी) में BS-IV वाहनों के इस्तेमाल को सीमित करने का सुझाव भी दिया गया है। सरकार का कहना है कि उसका लक्ष्य सिर्फ गाड़ियां बंद करना नहीं, बल्कि प्रदूषण घटाना और लोगों को राहत देना भी है। इसलिए पूरी योजना धीरे-धीरे लागू की जाएगी ताकि आम लोगों पर अचानक बोझ न पड़े।

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