योगी सरकार ने बुनियादी शिक्षा के एकीकरण को दी नई रफ्तार, 15,613 आंगनबाड़ी केंद्र होंगे परिषदीय विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित

Edited By Updated: 07 Aug, 2026 06:23 PM

yogi government gives new momentum to the integration of basic education

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार 15 अगस्त तक 15,613 आंगनबाड़ी केंद्रों को परिषदीय विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित करेगी, जिससे बुनियादी शिक्षा और प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के एकीकरण को नई गति मिलेगी। ये ऐसे आंगनबाड़ी...

नेशनल डेस्क : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार 15 अगस्त तक 15,613 आंगनबाड़ी केंद्रों को परिषदीय विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित करेगी, जिससे बुनियादी शिक्षा और प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के एकीकरण को नई गति मिलेगी। ये ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जो परिषदीय विद्यालयों से 200 मीटर की परिधि में स्थित होने के बावजूद वर्तमान में गैर-विभागीय भवनों में संचालित हो रहे हैं। 

मिशन मोड में चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत बच्चों को परिषदीय विद्यालय परिसरों में सुरक्षित एवं निर्धारित कक्षा-कक्षों, शुद्ध पेयजल, शौचालय, खेल के स्थान, बिजली तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में 1,89,208 आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जिनमें से 1,64,480 केंद्र पहले ही परिषदीय विद्यालय परिसरों से एकीकृत किए जा चुके हैं। इस संबंध में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी तथा निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर ने दिशानिर्देश जारी किए हैं।

संयुक्त दिशा-निर्देशों के अनुसार परिषदीय विद्यालयों से 200 मीटर की परिधि में स्थित ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र, जो वर्तमान में गैर-विभागीय भवनों में संचालित हैं, उन्हें संबंधित मैप्ड परिषदीय विद्यालय परिसरों में चरणबद्ध रूप से स्थानांतरित किया जाएगा। स्थानांतरण केवल उन्हीं विद्यालयों में किया जाएगा, जहां आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन के लिए बच्चों हेतु सुरक्षित एवं निर्धारित कक्षा-कक्ष, बिजली तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। इस पहल का उद्देश्य तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही विद्यालयी वातावरण उपलब्ध कराना तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और बुनियादी शिक्षा के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करना है।

माना जा रहा है यह अभियान आंगनबाड़ी केंद्रों के स्थानांतरण के साथ-साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बुनियादी शिक्षा और प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के प्रभावी एकीकरण की व्यापक पहल है। इससे बच्चों को शुरुआती वर्षों से ही बेहतर शैक्षिक वातावरण, विद्यालयी संसाधनों का लाभ और गुणवत्तापूर्ण अधिगम के अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही शिक्षा एवं बाल विकास विभागों के बीच समन्वय और संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से प्रदेश में बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।

बेहतर सुविधाओं के साथ मजबूत होगी बुनियादी शिक्षा

निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित परिषदीय विद्यालयों में तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल, शौचालय, खेलने का पर्याप्त स्थान तथा अन्य आवश्यक भौतिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इससे बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और गतिविधि आधारित शिक्षण वातावरण मिलेगा। साथ ही बाल वाटिका से कक्षा-1 तक सीखने की निरंतरता मजबूत होगी और स्कूल रेडीनेस को नई मजबूती मिलेगी। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बच्चों की बुनियादी सीखने की क्षमता को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मिशन मोड में होगा अभियान, संयुक्त रूप से भेजी जाएगी रिपोर्ट

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी तथा निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर ने सभी जिलों को इस अभियान को मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संयुक्त रूप से अभियान की निगरानी करेंगे। स्थानांतरण की कार्रवाई पूर्ण होने के बाद निर्धारित प्रारूप पर दोनों अधिकारियों के संयुक्त हस्ताक्षर से रिपोर्ट निदेशालय, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार तथा महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कार्यालय को भेजी जाएगी। सभी जिलों को 15 अगस्त 2026 तक चिह्नित आंगनबाड़ी केंद्रों का स्थानांतरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का सबसे महत्वपूर्ण आधार प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा है। आंगनबाड़ी केंद्रों को परिषदीय विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित करने से छोटे बच्चों को बचपन से ही गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण, गतिविधि आधारित अधिगम और विद्यालय की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे बाल वाटिका से कक्षा-1 तक सीखने की प्रक्रिया और अधिक सुदृढ़ होगी। प्रत्येक बच्चे को विद्यालय में प्रवेश से पहले सीखने के लिए पूरी तरह तैयार करना हमारा लक्ष्य है। - संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

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