Edited By Kamini,Updated: 12 Jan, 2026 07:48 PM

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के एबॉट्सफोर्ड शहर में हुई गैंगवार की एक सनसनीखेज घटना में लुधियाना से ताल्लुक रखने वाले युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई।
लुधियाना: कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के एबॉट्सफोर्ड शहर में हुई गैंगवार की एक सनसनीखेज घटना में लुधियाना से ताल्लुक रखने वाले युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान नवप्रीत सिंह धालीवाल (उम्र 28 साल) निवासी एबॉट्सफोर्ड, ब्रिटिश कोलंबिया के रूप में हुई है जोकि मूल रूप से लुधियाना के हलवारा का रहने वाला था। यही नहीं नवप्रीत गैंगस्टर गतिविधियों से जुड़ा बताया जा रहा है। नवप्रीत ड्रग तस्करी, हथियार अपराध और हत्या की साजिश में शामिल था।
कनाडा की इंटीग्रेटेड होमिसाइड इन्वेस्टिगेशन टीम (IHIT) ने शनिवार को हत्या की पुष्टि करते हुए बताया कि 9 जनवरी को दोपहर करीब 12.30 बजे एबॉट्सफोर्ड के सिस्किन ड्राइव इलाके में फायरिंग की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को एक युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की टीम ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद मामले की जांच IHIT को सौंप दी गई।
IHIT अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच से स्पष्ट है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि पूरी योजना के तहत अंजाम दी गई हत्या थी, जिसका संबंध ब्रिटिश कोलंबिया में चल रहे गैंगवार से जोड़ा जा रहा है। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही उन लोगों से भी अपील की गई है, जो 9 जनवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच ब्लू जे स्ट्रीट और सिस्किन ड्राइव के आसपास मौजूद थे या जिनके वाहनों में डैश कैमरे लगे हैं, वे जांच में सहयोग करें।
इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ कथित गैंगस्टरों द्वारा पोस्ट साझा कर हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करक गैंगस्टर डोनी बल और मोहब्बत रंधावा ने रनप्रीत सिंह धालीवाल की हत्या की जिम्मेदारी ली है। दोनों गैगस्टरों ने कहा कि अगर वह नवप्रीत धालीवाल को नहीं मारते तो वह उनके लिए नुकसान कर सकता था। पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है। गौरतलब है कि, नवप्रीत पहले से ही कानून एजेंसियों की राडार पर था और उसका नाम ब्रिटिश कोलंबिया में सक्रिय आपराधिक गुटों के आपसी टकराव से जुड़ा रहा है। जांच एजेंसियों ने इस घटना को टारगेटेड किलिंग करार दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि नवप्रीत और उसका एक साथी ब्रिटिश कोलंबिया में चल रहे गैंग से जुड़े हुए थे। दोनों जमानत पर रिहा होने के बाद वेस्ट एबॉट्सफोर्ड इलाके में रह रहे थे और उनकी गतिविधियों पर पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों की नजर बनी हुई थी।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2022 के अंत में एबॉट्सफोर्ड पुलिस की ड्रग एनफोर्समेंट यूनिट ने बड़े स्तर पर नशा तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत पुलिस ने नवप्रीत और उसके साथी अनमोल संधू से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ (6 किलोग्राम फेंटानिल, 2 किलो कोकीन, हेरोइन, मेथ और मोर्फिन), नकदी और कई हथियार सहित इन्हें गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि मौजूदा हत्या का मामला भी उसी आपराधिक नेटवर्क और गैंगवार से जुड़ा हो सकता है। इसी के साथ ही 2024 में हत्या के मामले में गिरफ्तार किय गया था।
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