जम्मू के डोडा में भू-धंसाव के कारणों का भू-वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, जानिए क्या कहा?

Edited By Updated: 06 Feb, 2023 06:45 PM

geologists revealed the causes of landslide in doda jammu

कुछ महीने पहले डोडा और हिमाचल प्रदेश के पड़ोसी चंबा जिले में कम तीव्रता वाले भूकंप की कुछ घटनाएं हुई हैं, इसका कारण फॉल्ट जोन का आगे की ओर बढ़ना हो सकता है।

जालंधर, 6 फरवरी, (नैशनल डैस्क): जम्मू और कश्मीर के डोडा जिले की नई बस्ती में पिछले सप्ताह हुए भू-धंसाव को लेकर भूवैज्ञानिकों ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने भू-धंसाव के लिए बस्ती में जल निकासी को जिम्मेदार ठहराया है। भूवैज्ञानिकों ने अधिकारियों से क्षेत्र के सभी गांवों और बस्तियों में विस्तृत सर्वेक्षण करने का आग्रह किया है।

भूगर्भीय फॉल्ट जोन भी हो सकता है कारण
श्रीनगर के एक हाइड्रोलिक इंजीनियर एजाज रसूल ने मीडिया को दिए ऐ साक्षात्कार में कहा कि नई बस्ती में हुई घटना भूगर्भीय फॉल्ट जोन के कारण हुई थी, जो थोड़ा आगे बढ़ गया है। कुछ महीने पहले डोडा और हिमाचल प्रदेश के पड़ोसी चंबा जिले में कम तीव्रता वाले भूकंप की कुछ घटनाएं हुई हैं, इसका कारण फॉल्ट जोन का आगे की ओर बढ़ना हो सकता है।उन्होंने कहा कि आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से लगातार पानी का बहाव भी भूमि धंसने का कारण बन सकता है। जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध भूवैज्ञानिक और जम्मू विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के पूर्व प्रोफेसर और प्रमुख जीएम भट ने 5 फरवरी को नई बस्ती का दौरा किया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि क्षेत्र में भूस्खलन और धसाव दोनों हो रहा है। उनकी टीम के दौरे से पहले भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की टीम ने भी इलाके का दौरा किया था और अब दोनों रिपोर्ट का इंतजार है।

घरों की दरारों को भरने की जरूरत
भट्ट ने कहा कि जमीन के अंदर घरों पानी का लगातार रिसाव हो रहा है और यह नई बस्ती, डोडा में धंसने का एक मुख्य कारण हो सकता है। दरारों को भरने की जरूरत है क्योंकि बारिश का पानी धसाव को और बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि  मेरी टीम ने क्षेत्र से नमूने एकत्र किए हैं और जल्द ही एक अंतिम रिपोर्ट लेकर आएगी। डोडा की सीमा से सटे रामबन जिले के कई घरों में भी दरारें आ गई हैं। रामबन जिला प्रशासन ने 4 फरवरी, 2023 को बस्ती गांव से पांच परिवारों को उनके घरों में दरारें आने के बाद निकाला है। नई बस्ती में धंसने की घटनाओं से डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जिलों में रहने वाले लोग दहशत में हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
थाथरी के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट अतहर अमीन जरगर ने मीडिया को बताया कि 3 फरवरी की शाम से लैंड सिंकिंग बंद हो गई थी, लेकिन उन्होंने कहा कि यह जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का फैसला किया है। नई बस्ती को एक असुरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है और एक मस्जिद और मदरसा (इस्लामिक मदरसा) सहित 19 घर प्रभावित हुए हैं। पीड़ितों में कुछ सरकारी कर्मचारी शामिल हैं लेकिन कई परिवार ऐसे हैं जो गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहते हैं और मजदूर और मोची के रूप में काम करते हैं। हमारा मुख्य काम यह सुनिश्चित करना है कि उनकी जान बचाई जाए और पूरे इलाके को सील कर दिया जाए।

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