ईपीसीएच का निर्यात प्रोत्साहन योजना के तहत कर वापसी दर पर फिर से विचार का आग्रह

Edited By Updated: 20 Sep, 2021 08:55 PM

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नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने सोमवार को सरकार से निर्यातित वस्तुओं पर शुल्क और कर छूट की योजना (आरओडीटीईपी) के तहत कर वापसी दर पर पुनर्विचार का आग्रह किया। फिलहाल विभिन्न उत्पादों के लिये यह छूट...

नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने सोमवार को सरकार से निर्यातित वस्तुओं पर शुल्क और कर छूट की योजना (आरओडीटीईपी) के तहत कर वापसी दर पर पुनर्विचार का आग्रह किया। फिलहाल विभिन्न उत्पादों के लिये यह छूट केवल 0.7 प्रतिशत है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक में ईपीसीएच के चेयरमैन राजकुमार मल्होत्रा ने कहा कि उन्होंने अन्य मामलों के साथ इस मुद्दे को उठाया है।

बैठक में हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए आवश्यक अलंकरण,सजावटी समान और उपकरणों के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति फिर से दिये जाने की मांग भी रखी गयी। साथ ही निर्यातित वस्तुओं पर शुल्क और करों में छूट योजना के तहत कर वापसी की दर पर पुनर्विचार का आग्रह किया गया।

उन्होंने कहा कि विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों के लिये हाल में घोषित आरओडीटीईपी दरें औसतन करीब 0.7 प्रतिशत है। मल्होत्रा ने उम्मीद जतायी कि आज की बैठक क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के हल में मददगार होगी।

उन्होंने कहा कि शुल्क मुक्त आयात के प्रावधान से हस्तशिल्प निर्यातकों को प्रकाश से जुड़े उत्पाद, लैंप, फैशन आभूषण और लकड़ी के हस्तशिल्प जैसे सामानों को अलंकृत करने के लिए वस्तुओं का आयात करने में मदद मिली है।

वित्त वर्ष 2020-21 में देश का हस्तशिल्प निर्यात 25,679.98 करोड़ रुपये (3.5 अरब डॉलर) रहा था।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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