Edited By PTI News Agency,Updated: 03 Dec, 2021 12:05 PM

नयी दिल्ली, तीन दिसंबर (भाषा) संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में ‘अशोभनीय आचरण’ के लिए निलंबित किए गए 12 सांसदों ने अपने खिलाफ कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को भी संसद परिसर में अपना धरना जारी रखा।
नयी दिल्ली, तीन दिसंबर (भाषा) संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में ‘अशोभनीय आचरण’ के लिए निलंबित किए गए 12 सांसदों ने अपने खिलाफ कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को भी संसद परिसर में अपना धरना जारी रखा।
दूसरी तरफ, भाजपा के कई राज्यसभा सदस्यों ने इन निलंबित सांसदों के आचरण के खिलाफ प्रदर्शन किया। भाजपा के राज्यसभा सदस्यों ने अपने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं जिन पर पिछले सत्र के दौरान उच्च सदन में हुए हंगामे की तस्वीर थी और इनमें से कुछ पर लिखा हुआ था, ‘‘लोकतंत्र? या गुंडागिरी?’’
सत्तारूढ़ पार्टी के महासचिव अरुण सिंह, सांसद सैयद जफर इस्लाम, राकेश सिन्हा और कई अन्य सदस्य इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
उधर, निलंबन के बाद से रोजाना प्रदर्शन कर रहे 12 निलंबित विपक्षी सांसदों ने आज भी संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दिया।
निलंबित राज्यसभा सदस्य अपने खिलाफ की गई इस कार्रवाई के विरोध में संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक निलंबन रद्द नहीं होगा, तब तक वे संसद की कार्यवाही के दौरान सुबह से शाम तक महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे रहेंगे।
संसद के सोमवार को आरंभ हुए शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के 12 सदस्यों को इस सत्र की शेष अवधि तक के लिए उच्च सदन से निलंबित कर दिया गया था।
जिन सदस्यों को निलंबित किया गया है उनमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के इलामारम करीम, कांग्रेस की फूलों देवी नेताम, छाया वर्मा, रिपुन बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रताप सिंह, तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन और शांता छेत्री, शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनय विस्वम शामिल हैं।
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