Edited By Pardeep,Updated: 21 Oct, 2026 11:00 PM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर प्रदेश के पुलिसकर्मियों को बड़ा तोहफा दिया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा की, वहीं पूर्ववर्ती सरकारों...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर प्रदेश के पुलिसकर्मियों को बड़ा तोहफा दिया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा की, वहीं पूर्ववर्ती सरकारों के दौर की कानून-व्यवस्था की तुलना करते हुए अपराधियों व माफियाओं पर करारा हमला बोला।
पुलिसकर्मियों के भत्तों में हुई बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए कई प्रमुख घोषणाएं कीं:
- मोटरसाइकिल भत्ता: क्षेत्र (फील्ड) ड्यूटी में तैनात सब-इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टरों का मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
- यूनिफॉर्म भत्ता: पीपीएस (PPS) अधिकारियों का यूनिफॉर्म भत्ता 6,400 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया गया है।
- मोबाइल भत्ता: कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल का मोबाइल भत्ता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
'पहले नेता के पालतू जानवर ढूंढती थी पुलिस, अब अपराधियों को पता है अपना ठिकाना'
प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि एक दौर था जब अपराधी खुली जीप में बैठकर ऑटोमेटिक हथियारों के साथ बेखौफ घूमते थे। उस समय पुलिस अपराधियों पर कार्रवाई करने से डरती थी और कार्रवाई करने पर उल्टा अधिकारियों पर ही गाज गिर जाती थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले पुलिस नेताओं के पालतू जानवरों को जंगलों में तलाशने में व्यस्त रहती थी। लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है और उत्तर प्रदेश में अपराधियों को अच्छी तरह पता है कि उनका आखिरी ठिकाना कहां है।
एनकाउंटर नीति के विरोधियों को दिया मुंहतोड़ जवाब
पुलिस की एनकाउंटर नीति पर सवाल उठाने वालों को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हैं और माफिया की कब्र पर जाकर छाती पीटते हैं, वे कभी शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों के आंसू पोंछने नहीं जाते।
'शहीदों का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता'
सीएम योगी ने पुलिस बल के त्याग और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि जब आम लोग त्योहारों पर अपने परिवारों के साथ खुशियां मना रहे होते हैं, तब पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहे होते हैं। उन्होंने कहा कि देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता और उनके नाम केवल स्मारकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र की चेतना पर अंकित हैं।