Edited By Ramanjot,Updated: 15 Oct, 2026 12:43 PM

SIAM ने बताया कि FY2026-27 की दूसरी तिमाही में यात्री वाहनों की बिक्री 30.7% बढ़कर 13.61 लाख यूनिट हो गई, जबकि दोपहिया वाहनों की बिक्री 15.2% बढ़कर 64.33 लाख यूनिट रही। तिपहिया वाहनों की बिक्री 23.6% बढ़कर 2.85 लाख यूनिट हो गई, और कमर्शियल वाहनों की...
नई दिल्ली: सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अनुसार, जुलाई-सितंबर 2026 में प्रमुख वाहन श्रेणियों में घरेलू ऑटोमोबाइल बिक्री सालाना आधार पर 18.2% बढ़कर 83.88 लाख यूनिट हो गई। यात्री वाहनों, दोपहिया वाहनों, तिपहिया वाहनों और कमर्शियल वाहनों - सभी ने दूसरी तिमाही में अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की है।
SIAM ने बताया कि FY2026-27 की दूसरी तिमाही में यात्री वाहनों की बिक्री 30.7% बढ़कर 13.61 लाख यूनिट हो गई, जबकि दोपहिया वाहनों की बिक्री 15.2% बढ़कर 64.33 लाख यूनिट रही। तिपहिया वाहनों की बिक्री 23.6% बढ़कर 2.85 लाख यूनिट हो गई, और कमर्शियल वाहनों की बिक्री 28.7% बढ़कर 3.09 लाख यूनिट तक पहुंच गई। SIAM के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा, "वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) में पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल, थ्री-व्हीलर और टू-व्हीलर समेत सभी सेगमेंट में अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की गई है।" इंडस्ट्री बॉडी ने इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय कई कारकों को दिया है, जिनमें GST 2.0 के बाद वाहनों का अधिक किफायती होना, ग्रामीण और शहरी इलाकों में मजबूत मांग, माल ढुलाई (फ्रेट मूवमेंट) में तेजी, इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी आर्थिक गतिविधियां और विभिन्न वाहन श्रेणियों में वाहनों को बदलने (रिप्लेसमेंट साइकिल) की प्रक्रिया शामिल हैं। पैसेंजर व्हीकल कैटेगरी में, यूटिलिटी व्हीकल का दबदबा रहा, जिनकी कुल बिक्री में 68 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। यूटिलिटी व्हीकल की बिक्री में सालाना आधार पर 34.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि इसी तिमाही में पैसेंजर कारों की बिक्री में 24.9 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
टू-व्हीलर सेगमेंट में स्कूटर की बिक्री सबसे आगे रही, जिसमें 27.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि मोटरसाइकिल की बिक्री में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कई श्रेणियों में निर्यात (एक्सपोर्ट) में भी बढ़त देखी गई। टू-व्हीलर का निर्यात 27.7 प्रतिशत बढ़कर 16.5 लाख यूनिट हो गया, जो दूसरी तिमाही के लिए अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। थ्री-व्हीलर का निर्यात 30.4 प्रतिशत बढ़कर 1.6 लाख यूनिट हो गया, जबकि कमर्शियल व्हीकल का निर्यात 72.5 प्रतिशत बढ़कर 41,000 यूनिट से अधिक हो गया। हालांकि, SIAM के अनुसार, पैसेंजर व्हीकल के निर्यात में 5.2 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 2.29 लाख यूनिट रह गया। इसका मुख्य कारण पिछले साल का ऊंचा आधार (हायर बेस) और पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) संकट से जुड़ी लॉजिस्टिक्स संबंधी दिक्कतें थीं।
SIAM को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में भी इंडस्ट्री में सकारात्मक वृद्धि बनी रहेगी। इसके पीछे त्योहारी सीजन, नए वाहनों की लॉन्चिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च, पुराने वाहनों को बदलने (फ्लीट रिप्लेसमेंट) और 'लास्ट-माइल मोबिलिटी' (अंतिम छोर तक आवागमन) की मांग जैसे कारक मददगार साबित होंगे। SIAM के अध्यक्ष शेनू अग्रवाल ने कहा, "इंडस्ट्री को त्योहारी सीजन से आगे भी तेजी बने रहने की उम्मीद है, हालांकि मौजूदा भू-आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए हम सतर्कता के साथ सकारात्मक रुख अपनाए हुए हैं।" इंडस्ट्री बॉडी ने चेतावनी दी है कि बढ़ती महंगाई, ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं मांग पर असर डाल सकती हैं। साथ ही, पिछले साल के ऊंचे आधार (हायर बेस) की वजह से विकास दर में कुछ नरमी भी आ सकती है।