Edited By Rahul Singh,Updated: 15 Jan, 2026 07:56 PM
नई Tata Punch Facelift का रियल-वर्ल्ड क्रैश टेस्ट सामने आया है, जिसमें कार को जानबूझकर एक खड़े ट्रक से टकराया गया। टक्कर के बाद पैसेंजर केबिन सुरक्षित रहा और सभी दरवाजे खुले। सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर उठे विवाद पर टाटा मोटर्स ने सफाई दी और कहा...
ऑटो डेस्क : भारतीय सड़कों की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए टाटा मोटर्स ने अपनी नई Tata Punch Facelift की सेफ्टी को एक अलग अंदाज में पेश किया है। इस बार कंपनी ने पारंपरिक लैब क्रैश टेस्ट से आगे बढ़ते हुए एक रियल-वर्ल्ड क्रैश डेमॉन्स्ट्रेशन किया, जिसमें नई पंच को जानबूझकर एक खड़े ट्रक से टकराया गया। इस परीक्षण का उद्देश्य यह दिखाना था कि रोजमर्रा की दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में कार की सेफ्टी तकनीक किस तरह काम करती है।
स्टेशनरी ट्रक से कराई गई टक्कर
डेमॉन्स्ट्रेशन के दौरान नई टाटा पंच को नियंत्रित गति पर एक स्टेशनरी ट्रक से टकराया गया। इस तरह की दुर्घटनाएं भारतीय सड़कों पर आम मानी जाती हैं। टक्कर के बाद सामने आए नतीजों ने कार के स्ट्रक्चरल डिज़ाइन और सेफ्टी इंजीनियरिंग को मजबूत साबित किया।
क्रैश के बाद पैसेंजर केबिन पूरी तरह सुरक्षित रहा और केबिन के अंदर किसी तरह की घुसपैठ नहीं हुई। सभी दरवाजे सामान्य रूप से खुल सके, जिसे वाहन की संरचनात्मक मजबूती का अहम संकेत माना जाता है। इसके साथ ही रेस्ट्रेंट सिस्टम्स, जैसे एयरबैग और सीट बेल्ट प्री-टेंशनर्स, सही तरीके से एक्टिव हुए।
अंडररन प्रोटेक्शन वाले ट्रक का इस्तेमाल
इस क्रैश टेस्ट की एक खास बात यह रही कि जिस ट्रक से टक्कर कराई गई, उसमें अंडररन प्रोटेक्शन बार लगा हुआ था। भारत में कई ट्रकों में इस तरह का सुरक्षा फीचर नहीं होता, जिससे कार-ट्रक टक्करों में नुकसान कहीं ज्यादा हो जाता है। टाटा मोटर्स ने नियमों के अनुरूप सुरक्षित ट्रक का इस्तेमाल कर यह दिखाया कि जब सभी रोड यूजर्स सेफ्टी नॉर्म्स का पालन करते हैं, तो आधुनिक कारों की सेफ्टी टेक्नोलॉजी कितनी प्रभावी साबित हो सकती है।
नई Punch में बरकरार रहा सेफ्टी DNA
नई Tata Punch Facelift में हाई-स्ट्रेंथ बॉडी स्ट्रक्चर, स्टैंडर्ड 6 एयरबैग्स, ESP, और कई एक्टिव व पैसिव सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। Bharat NCAP की 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग इस बात की पुष्टि करती है कि ये फीचर्स सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वास्तविक सुरक्षा प्रदान करते हैं। ट्रक से टक्कर वाला यह डेमॉन्स्ट्रेशन इन्हीं दावों को व्यावहारिक रूप से सामने लाता है।
क्रैश टेस्ट वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद
क्रैश टेस्ट का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने ड्राइवर साइड डोर को लेकर सवाल उठाए, क्योंकि वीडियो के अलग-अलग फ्रेम्स में दरवाजे की स्थिति अलग-अलग नजर आई।
टाटा मोटर्स ने दी सफाई
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने इन दावों पर सफाई देते हुए कहा कि पूरे डेमॉन्स्ट्रेशन में सिर्फ एक ही Tata Punch का इस्तेमाल किया गया था और टक्कर एक ही लगातार इवेंट में हुई। कंपनी के अनुसार, भ्रम की वजह वीडियो एडिटिंग में हुई गलती थी।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि ड्राइवर साइड डोर और फ्रंट फेंडर पर दिखाई देने वाला डेंट क्रैश के बाद निरीक्षण के दौरान लगा था, जब इंजीनियर्स केबिन की मजबूती जांचने के लिए दरवाजा खोल रहे थे। एडिटिंग के दौरान गलती से डैमेज वाला फुटेज पहले और बिना डैमेज वाला फुटेज बाद में दिखा दिया गया, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि दो अलग-अलग गाड़ियां इस्तेमाल की गई हैं। टाटा मोटर्स ने जोर देकर कहा कि वीडियो एडिटिंग की गलती के बावजूद सेफ्टी से जुड़े मुख्य नतीजे पूरी तरह सही और अपरिवर्तित हैं। क्रैश के बाद केबिन सुरक्षित रहा, सभी दरवाजे काम करने की स्थिति में थे और स्ट्रक्चर में कोई गंभीर डिफॉर्मेशन नहीं हुआ। कंपनी के मुताबिक, ध्यान ग़लत तरीके से समझे गए विजुअल्स पर नहीं, बल्कि उस सेफ्टी परफॉर्मेंस पर होना चाहिए, जो इस रियल-वर्ल्ड क्रैश टेस्ट में साफ तौर पर सामने आई है।