पान मसाला के प्रचार पर लगाया जाए प्रतिबंध

Edited By Updated: 25 Jun, 2023 06:01 AM

ban should be imposed on promotion of pan masala

कई दशक पहले भारतीय विदेश सेवा (आई.एफ.एस.) के एक वरिष्ठ सहकर्मी साऊथ ब्लाक में पान मसाला की लत के लिए जाने जाते थे। मैंने देखा कि वह एक पान मसाला की डिबिया खोलता था जो भूरे रंग के मिश्रण से भरी होती थी। पूरे कार्यदिवस के दौरान एक छोटे प्लास्टिक के...

कई दशक पहले भारतीय विदेश सेवा (आई.एफ.एस.) के एक वरिष्ठ सहकर्मी साऊथ ब्लाक में पान मसाला की लत के लिए जाने जाते थे। मैंने देखा कि वह एक पान मसाला की डिबिया खोलता था जो भूरे रंग के मिश्रण से भरी होती थी। पूरे कार्यदिवस के दौरान एक छोटे प्लास्टिक के चम्मच के साथ इसे रखता था। कभी-कभी वह एक दिन में एक से अधिक डिब्बी का सेवन कर लेता था। वह जीवन भर फिट और एक उत्साही खिलाड़ी था फिर भी 60 वर्ष की आयु में उसका निधन हो गया। ऐसा हो सकता है कि उन सभी पान मसालों के सेवन से उसमें स्वास्थ्य संबंधी विकार उत्पन्न हुए हों जो बदले में उसकी शीघ्र मृत्यु का कारण बने। इस विषय पर हुए शोध के अनुसार पान मसाला के उपभोग से कैंसर से पूर्व स्थितियों के उत्पन्न होने की संभावना ज्यादा होती है। तम्बाकू के बिना भी किए गए इसके उपभोग से कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है। 

2011 से सभी राज्य सरकारें गुटका तथा पान मसाला (तम्बाकू के लेप के साथ) पर प्रतिबंध लगा चुकी हैं। फिर भी गुटका निर्माताओं का समर्थन करने वाली लॉबी सितम्बर 2022 से इसके प्रोत्साहन में लगी है। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के तहत गुटका तथा अन्य तम्बाकू से संबंधित उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध हटा दिया गया। एक वर्ष के भीतर ही 10 अप्रैल 2023 को दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने सितम्बर 2022 के इस आदेश को पलट दिया और केंद्र तथा दिल्ली सरकारों की गुटका तथा तम्बाकू सुगंधित पान मसाले की बिक्री के खिलाफ की गई अपील को कायम रखा। 

भारत भर में टैलीविजन तथा अन्य विज्ञापन पान मसाला को लेकर जारी हैं। मगर ऐसे ही उन उत्पादों के लिए नहीं जिसमें गुटका शामिल है। भारतीय स्वास्थ्य अथॉरिटियां गुटका तथा पान मसाला में अंतर कर रही हैं। गुटका कैंसर को जन्म देता है और यही कारण है कि इस पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि इसके विपरीत पान मसाला के लिए दिए गए साक्ष्यों के बावजूद इसे स्वीकार किया जा रहा है। पान मसाला का सेवन एक आदत बन जाता है। 

हम जानते हैं कि भारत तथा इसके आसपास क्या होता है जब शराब की बिक्री तथा इसके उत्पादन पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। तब इसका उत्पादन और आबंटन भूमिगत तरीके से किया जाता है। भारतीय मीडिया ने अनेकों बार ही जहरीली शराब के सेवन से होने वाली मौतों के बारे में समाचार प्रकाशित किए हैं। इसे एक बड़ी त्रासदी के रूप में पेश किया गया है। जहरीली शराब के सेवन से आंखों की रोशनी चली जाना और यहां तक कि मौत होना भी देखा गया है। विश्व भर में अनेकों सरकारों ने हैरोइन और कोकीन की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है। हालांकि यह देखना बाकी है कि इन घातक ड्रग्स पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद इसके उपभोग में कमी आई है या नहीं। 

कुछ माह पूर्व जब मैं टैक्सी से गुवाहाटी से तेजपुर की यात्रा कर रहा था तो मैंने पाया कि मेरा ड्राइवर बीच-बीच में पान मसाला के सेवन के लिए गाड़ी रोक रहा था। सड़कों के दोनों ओर सरकार द्वारा बोर्ड लगाए गए थे जिन पर पान मसाला के सेवन के नतीजे दर्शाए गए थे। ड्राइवर ने मुझे बताया कि उसकी पत्नी ओरल कैंसर से पीड़ित है। हालांकि उसने अपनी पत्नी को गुटका और पान मसाला न खाने की कई बार गुहार लगाई। उसका कहना था कि वह असम, अरुणाचल प्रदेश तथा नागालैंड की यात्रा करता रहता है और उसकी अनुपस्थिति में उसकी पत्नी निरंतर ही पान मसाला और गुटके का सेवन करती है। सड़कों के किनारे ऐसी कई दुकानें दिखाई पड़ती हैं जहां पर पान मसाला और गुटके के पाऊच लटकते दिखाई देते हैं। निश्चित तौर पर ये लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। 

विश्व भर में सरकारी एजैंसियां अभी भी हार्ड ड्रग्स के उत्पादन और उनके उपभोग को खत्म करने के लिए असमर्थ हैं। भारत में इनके विज्ञापन दर्शाने की अनुमति नहीं है। फिर भी देश भर में भारतीय प्रशासन पान मसाला के विज्ञापन की अनुमति देता है। अप्रैल से मई 2023 तक बॉलीवुड के बड़े-बड़े स्टार पान मसाला के ज्यादा विज्ञापन करते दिखाई दिए जो टी.वी. पर बार-बार दिखाई देते हैं। पान मसाला का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।-जयमिनी भगवती    

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!