‘देश में अग्निकांडों से’ लगातार हो रही जान-माल की क्षति!

Edited By Updated: 20 Mar, 2026 03:51 AM

continuous loss of life and property due to fires across the country

पिछले कुछ समय से देश में अग्निकांडों में भारी वृद्धि होने से जान-माल की भारी क्षति हो रही है। न सिर्फ आम लोग ही इन अग्निकांडों का शिकार हो रहे हैं बल्कि सरकारी कार्यालय, अस्पताल आदि भी आग की चपेट में आने से मूल्यवान राष्ट्रीय सम्पत्ति भी नष्ट हो रही...

पिछले कुछ समय से देश में अग्निकांडों में भारी वृद्धि होने से जान-माल की भारी क्षति हो रही है। न सिर्फ आम लोग ही इन अग्निकांडों का शिकार हो रहे हैं बल्कि सरकारी कार्यालय, अस्पताल आदि भी आग की चपेट में आने से मूल्यवान राष्ट्रीय सम्पत्ति भी नष्ट हो रही है। 
दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में 26 अप्रैल, 2016 की रात लगी आग से वहां कई प्रदर्शनीय वस्तुएं जल कर राख हो गई थीं। देश में अग्निकांडों का यह सिलसिला अभी भी जारी है जिसकी पिछले लगभग 9 महीनों की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :

* 18 मई, 2025 को ‘हैदराबाद’ (तेलंगाना) के ‘चारमीनार’ स्थित ‘गुलजार हाऊस’ में आग लगने से एक ही परिवार के 17 लोग मारे गए।
*  6 अक्तूबर, 2025 को ‘जयपुर’ (राजस्थान) के ‘एस.एम.एस. अस्पताल’ में ‘ट्रॉमा सैंटर’ के न्यूरो आई.सी.यू. में आग लगने से वहां उपचाराधीन 7 मरीजों की जल कर मौत हो गई। 
* 8 नवम्बर, 2025 को ‘दिल्ली’ के ‘रोहिणी’ इलाके में ‘रिठाला’ मैट्रो स्टेशन के निकट स्थित ‘जे.जे. क्लस्टर’ में भीषण आग लगने से लगभग 500 झुग्गियां जलकर राख हो गईं और एक व्यक्ति की मौत हो गई।
* 14 नवम्बर, 2025 को ‘श्रीनगर’ (जम्मू-कश्मीर) के ‘नौगाम पुलिस स्टेशन’ में जब्त किए गए विस्फोटकों को संभालते समय हुए विस्फोट के कारण भीषण आग लग जाने से 9 लोगों की मौत और 32 लोग घायल हो गए।
* 6 दिसम्बर, 2025 को ‘गोवा’ के ‘अरपोरा में स्थित एक नाइट क्लब में भीषण आग लगने के परिणामस्वरूप नाइट क्लब में गीत, संगीत और नृत्य का आनंद ले रहे 25 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। शुरुआती जांच में पता चला कि क्लब में आग से बचाव सम्बन्धी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था।

* 10 जनवरी, 2026 को ‘मुम्बई’ (महाराष्ट्र) के ‘गोरेगांव’ स्थित एक इमारत में आग लगने से एक ही परिवार के 3 सदस्यों की जान चली गई।
* 24 जनवरी, 2026 को ‘हैदराबाद’ (तेलंगाना) के ‘नामपल्ली’ में एक फर्नीचर के गोदाम में आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई।
* 26 जनवरी, 2026 को ‘कोलकाता’ (पश्चिम बंगाल) के ‘आनंदपुर’ में एक गोदाम में आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई।
* 12 मार्च, 2026 को ‘नोएडा’ (उत्तर प्रदेश) के एक कारखाने में आग लगने से एक मजदूर की मौत हो गई।

* 16 मार्च, 2026 को ‘कटक’ (ओडिशा) के सरकारी मैडिकल कालेज के ‘ट्रॉमा केयर यूनिट’ में शॉर्ट सॢकट से लगी आग में 12 मरीजों की मौत हो गई।
* 18 मार्च, 2026 को ‘दिल्ली’ के पालम इलाके में एक रिहायशी इमारत में भीषण आग लगने से 3 बच्चों सहित 9 लोगों की मौत हो गई।
* 18 मार्च, 2026 को ही ‘इंदौर’ (मध्य प्रदेश) में एक इलैक्ट्रिक वाहन (ई.वी.) के चाॄजग प्वाइंट में हुए धमाके के कारण एक मकान में आग लग जाने के परिणामस्वरूप एक ही परिवार के 8 सदस्यों की जान चली गई।
* और अब 19 मार्च, 2026 को  ‘सूरत’ (गुजरात) के ‘कापोट्रा’ इलाके में एक एम्ब्रॉयडरी फैक्ट्री में आग लगने और सिलैंडर फटने से 2 लोगों की मौत तथा 9 घायल हो गए।

अधिकांश मामलों में शार्ट सॢकट होने, गैस सिलैंडर फटने या लीक करने, ज्वलनशील पदार्थों के निकट लापरवाही से आग जलाने और आग से बचाव सम्बन्धी नियमों का पालन न करने, बड़े प्रतिष्ठïानों में अनिवार्य एन.ओ.सी. या सुरक्षा सम्बन्धी ऑडिट न होने आदि कारणों से ही अग्निकांड होते हैं। अत: जब तक अग्निकांडों से बचने के लिए संबंधित स्टाफ को पूरे प्रशिक्षण व अत्याधुनिक अग्निशमन उपकरणों से लैस करके अग्निकांडों का मुकाबला करने की सुनियोजित रणनीति नहीं बनाई जाती तब तक ऐसे अग्निकांडों को नहीं रोका जा सकता तथा इसी प्रकार अनमोल जिंदगियां मौत के मुंह में जाती रहेंगी।—विजय कुमार

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