1 hour ago
2 hours ago
3 hours ago
4 hours ago
19 hours ago
21 hours ago
22 hours ago
23 hours ago
1 day ago
2 days ago
Thursday
Main Menu
धर्म/कुंडली टीवी
नारी
Photos
Videos
हिमाचल प्रदेश
पंजाब
हरियाणा
उत्तर प्रदेश
Breaking
Blogs
11 अक्तूबर को खैबर पख्तूनख्वा (के.पी.के.) में आपातकाल और राज्यपाल शासन लागू किए जाने को इस्लामाबाद द्वारा मुख्य रूप से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और...
27 अक्तूबर, 2026 को बाबासाहेब आंबेडकर की जालंधर की युगप्रवर्तक यात्रा के 75 वर्ष पूरे हो गए। यह बड़े सम्मान और गर्व की बात है कि इस यात्रा के दौरान...
व्हाट्सऐप पर संदेश फॉरवर्ड करने वाला व्यक्ति हर सुबह एक उद्देश्य के साथ जागता है। जब हममें से बाकी लोग दांत साफ कर रहे होते हैं और यह सोच रहे होते...
सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश संजय किशन कौल, जिन्होंने चार वर्षों तक भारत के मुख्य न्यायाधीश के बाद शीर्ष अदालत के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश के...
KESARI TV
अमरीका सरकार, तेल व्यापारी और निजी विश्लेषक इस बात पर बंटे हुए हैं कि तेहरान के पास कच्चा तेल छिपाने के लिए जगह खत्म होने से पहले कितना समय बचा है।
पिछले कुछ समय से मौसम वैज्ञानिकों के हवाले से यह खबर आ रही है कि इस साल भीषण गर्मी पडऩे वाली है। इस खबर से सबसे ज़्यादा चिंता कृषि वैज्ञानिकों और किसानों को है। ऐसी भविष्यवाणियां की जा रही हैं कि इस साल भी गर्मी विकराल रूप ले लेगी, जिससे सूखे जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। खरीफ की फसल पर तो इसका बुरा असर पड़ेगा ही, रबी की उपज पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। अमरीका और ईरान युद्ध के चलते पहले ही ऊर्जा संसाधनों पर महंगाई का असर दिखने लगा है और यदि गर्मी ने भी अपना असर दिखाया तो हालात बेकाबू हो सकते
आज की दुनिया गहराई से जुड़ी हुई है। जब एक देश संघर्ष का रास्ता चुनता है, तो उसके परिणाम केवल उसकी अपनी सीमाओं के भीतर नहीं रहते। वे $ईंधन की कीमतों, खाद्य लागत, शिपिंग मार्गों, नौकरियों और मुद्रास्फीति और महंगाई आदि के माध्यम से फैलते हैं। यही कारण है कि कई आम लोगों को लगता है कि जब शक्तिशाली देश युद्ध में जाते हैं तो वे केवल एक-दूसरे से नहीं लड़ रहे होते, वे बाकी दुनिया को उन फैसलों की कीमत चुकाने पर मजबूर कर रहे होते हैं जो उनके कभी थे ही नहीं।
अमरीका के विदेशमंत्री मार्को रूबियो ने अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भेंट से शुरू की जिसके दौरान उन्होंने कहा कि,‘‘भारत-अमरीका की हिंद प्रशांत नीति में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है।’’
प्रधानमंत्री जी ने हमें 7 सरल अपीलें की हैं। ये केवल सरकारी आदेश नहीं, ये हर परिवार, हर घर के लिए एक रोडमैप हैं। जहां तक संभव हो, घर से काम करें। मैट्रो और बस का उपयोग करें, पैट्रोल-डीजल बचाएं। एक साल तक सोना खरीदने और विदेश यात्रा से बचें। खाने के तेल का उपयोग कम करें। प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें, रासायनिक खाद कम इस्तेमाल करें और विदेशी ब्रांड की बजाय स्वदेशी उत्पाद चुनें। इन सातों की एक ही आवाज है, एक ही संदेश है-राष्ट्र प्रथम। ये सात बिंदू हमारे दैनिक जीवन के हर पहलू को छूते हैं। हम कैसे यात्
देश में कुल 11 प्रतिशत जनजातीय समाज है, जिसमें 98 प्रतिशत आतंकवाद, स्वदेश से अलग होने के विद्रोही ङ्क्षहसक आंदोलन, विदेशी धन और विदेशी विचारों का प्रकोप है, इसका भान बहुधा देशवासियों को नहीं होता। गृह मंत्रालय की प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सूची में केवल उत्तर-पूर्वांचल के जनजातीय क्षेत्रों में सक्रिय ज्यादा संगठन हैं और शेष भारत में जनजातीय क्षेत्रों में व्याप्त विद्रोही देश विरोधी आतंकवादी संगठनों को जोड़ा जाए तो आधे से ज्यादा संगठन केवल और केवल 11 प्रतिशत जनजातीय क्षेत्रों में हैं। इनमें भोली-भ
पंजाब : यह नाम सुनते ही मन में उठती हैं वो लहरें, जो गेहूं के खेतों में लहराती हैं, वो शौर्य जो हरिमंदिर साहिब के स्वॢणम गुंबद में चमकता है और वो साहस, जो जलियांवाला बाग की मिट्टी में आज भी धड़कता है। यह वही धरती है जिसने देश को आजादी के लिए शहीद दिए, युद्धों में सीना तान कर खड़े हुए सैनिक दिए और अपनी मेहनत की पराकाष्ठा से देश का अन्न भंडार भरा। लेकिन आज पंजाब एक गहरे दर्द से गुजर रहा है।
मार्को रुबियो अपनी पहली भारत यात्रा पर एक भारी बोझ लेकर पहुंचे हैं। सोशल मीडिया के सतही संदेशों को अलग रखें, तो रुबियो का काम कठिन है-अपने समकक्षों को कैसे शांत किया जाए, संशयवादियों को कैसे आश्वस्त किया जाए और यह ढोंग कैसे किया जाए कि पिछले डेढ़ साल की घटनाएं संबंधों में एक मामूली भटकाव के अलावा और कुछ नहीं थीं।
देश में जल भंडारों की स्थिति दिनों-दिन ङ्क्षचताजनक होने के साथ जबरदस्त दबाव में है। ऐसे अनगिनत क्षेत्र बढ़ते ही जा रहे हैं, जहां गर्मियों के दस्तक देते ही जबरदस्त जल संकट दिखने लगता है। केन्द्रीय जल आयोग की बीते महीने 30 अप्रैल को जारी रिपोर्ट और ङ्क्षचता बढ़ाती है।
इस समय भारत के भीतर एक तरफ उन विभाजनकारी ताकतों का बोलबाला है, जो देश के वर्तमान संविधान और धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, संघीय ढांचे को तबाह करके यहां एक धर्म आधारित, कट्टर, गैर-लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम करने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं। दूसरी तरफ, वे ताकतें भी हैं, जो महान भारत को अलग-अलग धर्मों, जातियों, राष्ट्रीयताओं, क्षेत्रों, संस्कृतियों से संबंधित, अपनी-अपनी मातृभाषा बोलने वाले लेकिन सभी धर्मों का सम्मान करने वाले देशवासियों का सांझा देश मानती हैं, देश के संविधान की रक्षा और सांप्रद
आजादी के बाद से भारत की शिक्षा व्यवस्था का नेताओं ने इतना बंटाधार किया है, जितना शायद ही किसी अन्य देश में हुआ होगा। एक प्रकार से शिक्षा को चौराहे पर घसीट कर चीरहरण के लिए लाया जाता रहा है। जो जैसे चाहे लूटे, बदनाम करे, भ्रम का जाल बुने और दूध-मलाई चट करे। विडंबना यह कि जिन बच्चों के भविष्य के लिए ये सारी नीतियां और बहसें होती हैं, वही सबसे अधिक तनाव, अनिश्चितता और प्रयोगों का बोझ झेल रहे होते हैं। शिक्षा नीतियां कभी ईमानदारी से अमल न होने से कचरे के ढेर में फैंक दी गईं क्योंकि वे अधिकतर अव्याव
यह लेख प्रख्यात लेखक, स्तंभकार और विचारक स्वर्गीय बलबीर पुंज जी ने अपने निधन (18 अप्रैल) से एक दिन पूर्व, अगले सप्ताह प्रस्तावित ङ्क्षहदी स्तंभ के लिए लिखा था। मतांतरण मामले में निदा खान की गिरफ्तारी और ए.आई.एम.आई.एम. नेताओं द्वारा उसे दिए गए संरक्षण की खबरों ने फिर से नासिक टी.सी.एस. मामले को चर्चा में ला दिया है। ऐसे में पुंज जी का यह लेख प्रासंगिक हो जाता है।
हमारी मौजूदा शिक्षा व्यवस्था एक ऐसा जाल बन गई है, जिसमें लाखों-करोड़ों युवा फंस रहे हैं। यह प्रणाली न तो सच्चे कौशल विकसित करती है और न ही नवाचार को प्रोत्साहित, बल्कि यह छात्रों को एक सांचे में ढालकर औसत जीवन की ओर धकेल रही है। बदलाव की मांग अब न केवल जरूरी, बल्कि अनिवार्य बन चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पैट्रोलियम पदार्थों के हर संभव न्यूनतम उपयोग के साथ अन्य अपीलों व कदमों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं में आलोचना व विरोध के स्वर ज्यादा हैं। प्रधानमंत्री ने 10 मई को देशवासियों से मुख्यत: 3 अपीलें कीं, जिनमें एक साल तक सोने की खरीद टालने, गैर जरूरी विदेश यात्राएं न करने और पैट्रोल-डीजल की बचत के लिए वर्क फ्रॉम होम और कार पूङ्क्षलग व सार्वजनिक यातायात का ज्यादा इस्तेमाल करना शामिल है।
भारत की राजनीति हर चीज को राजनीतिक नजरिए से देखने-दिखाने को अभिशप्त है। ताजा उदाहरण गहराते ऊर्जा संकट और बढ़ते विदेशी मुद्रा संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वह पैट्रोल-डीजल की खपत कम करें और उसके लिए वर्क फ्रॉम होम, सार्वजनिक परिहवन का उपयोग तथा कार पूलिंग जैसे उपाय करें। एक साल तक सोना न खरीदने और विदेश यात्रा से परहेज करने की अपील भी की गई है।
16 मई को ठीक 6 महीने हुए जब सरकार ने ‘सबको बीमा, सबकी रक्षा’ जैसे आकर्षक नाम से बीमा व्यवसाय को शत-प्रतिशत विदेशी पूंजी के लिए खोलने का बिल पेश किया था और इसी 16 मई को पहली बड़ी खबर आई कि भारतीय बीमा कंपनी भारती अक्सा ब्रिटिश कंपनी प्रूडेन्शियल के हवाले हो गई। मिल्कियत के साथ मैनेजमैंट भी उसके हाथ आ गया है।
मेष राशि वालों आज का दिन आपके लिए ठीक रहेगा। आज मेहनत का बेहतरीन परिणाम मिल सकता है। नए लोगों से
वृष राशि वालों आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। व्यापार में पुराने मित्र से
मिथुन राशि वालों आज का दिन आपके लिए फेवरेबल रहेगा। आज युवाओं को नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। दफ्तर में
कर्क राशि वालों आज का दिन आपके लिए ठीक-ठाक रहेगा। ऑफिस में आपके विचारों को महत्व मिल सकता है।
सिंह राशि वालों आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। जीवनसाथी के
कन्या राशि वालों आज का दिन आपके लिए फेवरेबल रहेगा। प्रॉपर्टी के काम से क्षेत्र से जुड़े लोगों को कोई नया प्रोजेक्ट मिल
तुला राशि वालों आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा। करियर में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। किसी नए काम
वृश्चिक राशि वालों आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। आर्थिक रूप से राहत बनी रहेगी। आज अचानक से किसी
धनु राशि वालों आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा। व्यापार के कामकाज में तेजी बनी रहेगी। आय के नए स्रोत
मकर राशि वालों आज का दिन आपके लिए शानदार रहेगा। व्यापार में वृद्धि होने के संकेत हैं। जीवनसाथी के सहयोग से रुके हुए
कुंभ राशि वालों आज का दिन आपके लिए ठीक-ठाक रहेगा। पहले से निवेश किया गया धन वापस मिल सकता है। नौकरीपेशा
मीन राशि वालों आज का दिन आपके लिए बेहतर रहेगा। दोस्तों के साथ किसी स्थान पर घूमने जा सकते हैं। बिज़नेस में
CAD $
29/10/2026 10:30 IST
USD $
AUD $
NZD $
EUR €
AED د.إ
GBP £
Bitcoin
Ethereum
Tether
BNB
USD Coin
XRP
Terra
Solana
Be on the top of everything happening around the world.
Try Punjab Kesari E-Paper Premium Service.
फीडबैक दें
Thoughts
Jokes