just now
21 minutes ago
3 hours ago
4 hours ago
5 hours ago
8 hours ago
9 hours ago
10 hours ago
12 hours ago
19 hours ago
22 hours ago
1 day ago
Wednesday
Main Menu
धर्म/कुंडली टीवी
नारी
Photos
Videos
हिमाचल प्रदेश
पंजाब
हरियाणा
उत्तर प्रदेश
Breaking
Blogs
हमारे देश भर में फैले जंगलों, पहाडिय़ों और दूरदराज की बस्तियों में एक शांत लेकिन सफल परिवर्तन चल रहा है। जनजातीय समुदाय लंबे समय से भारत की विकास गाथा...
वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावों के समय हर कोई नेता और राजनीतिक दल देश के मतदाताओं को दिन में तारे दिखाने के बड़े-बड़े वादे करते हैं। वे उनके...
‘पहले से ही ऐसे परजीवी हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं और आप भी उनमें शामिल होना चाहते हैं। कॉक्रोच जैसे कुछ युवा हैं जिन्हें कोई रोजगार नहीं...
जब मैं तिरुप्पुर के स्कूल में पढ़ता था, तब मेरे मन में देश को लेकर कई सपने थे। मेरे मन में अक्सर ये सवाल उठते थे-भारत अपनी महानता कब वापस पाएगा?...
KESARI TV
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के साथ ‘जी राम जी’ या ‘विकसित भारत रोजगार गारंटी आजीविका मिशन ग्रामीण कार्यक्रम’ कानून का रूप लेकर लागू हो चुका है। हालांकि कांग्रेस पार्टी ने इसके विरुद्ध देशव्यापी विरोध अभियान की घोषणा की है। इस तरह अब राज्यों में मनरेगा की जगह जी राम जी के अंतर्गत योजनाएं चलेंगी, तो दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों का विरोध भी होगा। सामान्य तौर पर यह स्वीकार किया जा सकता है कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यू.पी.ए. सरकार में 2005 में नैशनल रूरल एम्प्लॉयमैंट गारंटी एक्ट या नरे
भारत प्राकृतिक संसाधनों से इतना समृद्ध और सुंदर है कि दुनिया के बहुत से देश इस कारण ही हमसे ईर्ष्या करते हैं।
महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली में चुनावी हार और बिहार विधानसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस के अंदर संगठनात्मक सुधारों की मांगें बहुत ज्यादा मजबूत हो गई हैं। हाल ही में इस मुद्दे को उठाने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह हैं। उन्होंने संघ-भाजपा की संगठनात्मक ताकत की तुलना कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी से करके कांग्रेस में बहस छेड़ दी है। उन्होंने हाल ही में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सी.डब्ल्यू.सी.) की बैठक से पहले पार्टी में हलचल मचा दी, जब उन्होंने संघ-भाजपा की संगठनात्मक क्षमत
चीन और रूस अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं और आक्रामक कदम उठा रहे हैं, जिनके अमरीका के लिए गंभीर परिणाम हो रहे हैं। 9 दिसम्बर को, चीनी और रूसी बमवर्षक विमानों और अन्य विमानों ने जापान और दक्षिण कोरिया के निकट उड़ान भरी, जिससे अमरीका और जापान को लड़ाकू विमानों और बमवर्षक विमानों को तैनात करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
कलकत्ता (नहीं, हम नाम को लेकर इतने नाजुक नहीं हैं) की एक निवासी ऊपर देखती है और वहां जरूर एक गाने का अंश, हवा में तेजी से महसूस होता है। इससे पहले कि वह उसे पकड़ पाती, वह चला जाता है। लेकिन कलकत्ता की रहने वाली जानती है कि वह खास एहसास 2026 के आखिर में वापस आएगा। यह पार्क स्ट्रीट (अब मदर टेरेसा सरानी) पर क्रिसमस थीम वाली लाइटों के साथ, पार्कों में बने स्टेज पर कैरल गाते हुए, शहर की सड़कों पर बसकरों द्वारा, कैथेड्रल और चैपल में वापस आएगा।
दुनिया के चांदी बाजार में इस समय जो उथल-पुथल दिख रही है, उसमें चीन की नीतियां निर्णायक भूमिका निभा रही हैं और यही स्थिति वैश्विक निवेशकों के लिए गंभीर चेतावनी बन गई है। यह केवल सामान्य उतार-चढ़ाव नहीं, बल्कि आपूॢत, स्टॉकपाइल और निर्यात नियंत्रण के जरिए कीमतों व भावनाओं को प्रभावित करने का जटिल खेल है। 2025 में चीन ने चांदी पर राज्य-नियंत्रित निर्यात लाइसैंसिंग सिस्टम लागू किया, यानी बिना सरकारी मंजूरी के कोई कंपनी चांदी बाहर नहीं भेज सकती। शुरुआत में यह कदम ‘घरेलू उद्योग की सुरक्षा’ और ‘संसाधन-
सभी पाठकों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। समय एक जीवंत ताने-बाने की तरह है, जहां अतीत, वर्तमान और भविष्य एक-दूसरे से निरंतर संवाद करते हैं। मेरा आज का कॉलम भी अनायास ही पिछले लेख की निरंतरता बन गया है-जहां 2025 की चर्चाएं, आशंकाएं और अपेक्षाएं नए वर्ष में प्रवेश कर रही हैं। पिछले सप्ताह प्रकाशित मेरे लेख पर व्यक्तिगत प्रतिक्रिया देते हुए मेरी एक आई.ए.एस. मित्र, जो मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हो चुकी हैं, ने अपने प्रशिक्षण काल की एक स्मृति मुझसे सांझी की। उनके मुताबिक, अकादमी के भीतर दिसम्बर
भले ही कोई जीते लेकिन 2026 टकराव का साल रहने वाला है। यह टक्कर प्रधानमंत्री मोदी और नेता प्रतिपक्ष के बीच देखने को मिलेगी। दरअसल 2024 के लोकसभा चुनावों के नतीजों के साथ ही टकराव का जो दौर शुरू हुआ था, वह अब भारतीय राजनीति में एक सिलसिला बनता जा रहा है। राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक मोर्चे पर मोदी सरकार की अग्निपरीक्षा होनी है, तो राहुल गांधी के लिए अपनी कांग्रेस पार्टी को संभालना चुनौतीपूर्ण साबित होने वाला है।
बीता हुआ साल, जो इस सदी की पहली तिमाही का अंत भी था, अर्थव्यवस्था, राजनीति, अंतर्राष्ट्रीय मामलों, रक्षा, उद्योग, शिक्षा और कई दूसरे क्षेत्रों में एक ऐतिहासिक साल साबित हुआ। इसने भविष्य की नींव भी रखी और यह भी दिखाया कि यह हमारे जीवन पर कैसे असर डालेगा।
‘पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत’ - गुरु नानक देव जी के ये कालजयी शब्द हमें प्रकृति के महत्व से जोड़ते हैं। हमारा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् भी भारत को बहती नदियों और हरी-भरी फसलों से लहलहाते खेतों के देश के रूप में नमन के लिए प्रेरित करता है। विडंबना यह है कि जब देश वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है, तो वहीं दूसरी ओर हमारे पैरों तले जमीन एक बेहद भयावह कहानी बयां कर रही है। जो मिट्टी कभी देश की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण समृद्धि की आधारशिला थी, वह आज थकी है, खुराक के नाम पर खतरनाक रसायनिक
जैसे ही 2025 इतिहास में एक उथल-पुथल भरे साल के रूप में दर्ज होता है, एक मिली-जुली स्थिति वाला भारत सावधानी भरी उम्मीद के साथ 2026 में कदम रखता है, क्योंकि उसके सामने नई चुनौतियां हैं। फिर भी, बीते साल की दहलीज से उम्मीद मुस्कुराती है, फुसफुसाते हुए कि यह ज्यादा खुशहाल होगा। क्या ऐसा होगा?
आज भारत पर समूचे विश्व की नजर रहती है। इसका कारण, हमारे लोगों में कुछ नया करने का जोश है।
साल 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता संभालने के एक दशक बाद, भारत का कृषि क्षेत्र साल 2025 तक पूरी तरह से बदल चुका है। कभी कम उत्पादकता, कीमतों में अनिश्चितता और आयात पर निर्भरता से ग्रस्त व्यवस्था, अब रिकॉर्ड उत्पादन, किसानों की सुनिश्चित आय, वैज्ञानिक नवाचार और दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता से भरपूर है, जिसके पीछे 11 वर्षों के सुधारों का एक सुसंगत और भविष्य के लिए तैयार कृषि ढांचे में एकीकरण है।
देश हित में उत्तर-दक्षिण की राजनीति का मेल होना चाहिए। आज के सन्दर्भ में दक्षिण-भारत और उत्तर-भारत की राजनीतिक संस्कृति को एक हो जाना चाहिए। आज की तमिल-राजनीति में यह अच्छा नहीं लगता कि दक्षिण-भारत के लोग कहें कि हमें ‘आर्य जाति’ के लोगों ने प्रताडि़त कर दक्षिणी-क्षेत्र में धकेल दिया। भारत वास्तव में हम द्रविड़ों का था। हम असली भारतीय-संस्कृति की वास्तविक धरोहर हैं।
तमिलनाडु में एक जिला है तूतीकोरन। यहां के ही एक गांव, कट्टूनायकनपट्टी में रहती हैं 57 वर्ष की पिचैयम्मल। उनका विवाह 20 वर्ष की उम्र में शिव नामक लड़के से हुआ था। लेकिन दुर्भाग्य से 15 दिनों के भीतर ही उनके पति की मृत्यु हो गई। इसके बाद समय पर उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। पति के बिना जीवन बेहद कठिन था। कोई साथ देने वाला भी नहीं। ऐसे में किस तरह अपनी बच्ची और खुद को पालें।
पिछले साल शेख हसीना सरकार के इस्तीफे के बाद से बंगलादेश एक राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। इस स्थिति की वजह से क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया है। इंकलाब मोन्चो के प्रवक्ता उस्मान हादी की हत्या के बाद, 18 से 20 दिसम्बर, 2025 तक बंगलादेश में दंगे, आगजनी और राजनीतिक अशांति रही।
मेष राशि वालों आज फाइनेंस संबंधी मामले आपकी चिंता का कारण बन सकते हैं। अटके सरकारी काम पूरे होंगे।
वृष राशि वालों आज का दिन आपके लिए बेहतर रहेगा। नौकरीपेशा जातकों की बातों को प्राथमिकता मिलेगी। आर्थिक
मिथुन राशि वालों आज नौकरीपेशा जातक सचेत रहें, ऑफिस में किसी प्रकार की राजनीति चल सकती है।
कर्क राशि वालों मार्केटिंग से जुड़े लोगों के लिए दिन खास रहेगा। कार्यक्षेत्र में नए लोगों से थोड़ा संभल कर रहने की जरूरत
सिंह राशि वालों सरकारी कामों में आप उच्च पद हासिल कर सकते हैं। खर्चों के बढ़ने से आर्थिक स्थिति
कन्या राशि वालों आज आपको करियर से जुड़े बढ़िया नतीजे हासिल होंगे। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता
तुला राशि वालों ऑफिस में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। प्रॉपर्टी के मामलों में लाभ मिलेगा। युवा वर्ग आज
वृश्चिक राशि वालों सकारात्मक ढंग से लोगों के सामने अपनी बात रखेंगे। आपके विचारों को सहारना दी जाएगी।
धनु राशि वालों कार्यक्षेत्र में आज आपको उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अधिकारी वर्ग आपकी भावुकता
मकर राशि वालों किसी परिचित व्यक्ति की मदद से बड़ा ऑर्डर प्राप्त हो सकता है। व्यवसाय में भाग्य
कुंभ राशि वालों भूमि संबंधी निवेश की योजना सफल रहेगी। विवाह योग्य व्यक्तियों के लिए आज कोई शुभ समाचार
मीन राशि वालों आज का दिन अच्छा रहेगा। इस राशि के युवा वर्ग को करियर से संबंधित बेहतरीन
USD $
27/05/2026 17:30 IST
CAD $
AUD $
EUR €
NZD $
AED د.إ
GBP £
Bitcoin
Ethereum
Tether
BNB
USD Coin
XRP
Terra
Solana
Be on the top of everything happening around the world.
Try Punjab Kesari E-Paper Premium Service.
फीडबैक दें
Thoughts
Jokes