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11 अक्तूबर को खैबर पख्तूनख्वा (के.पी.के.) में आपातकाल और राज्यपाल शासन लागू किए जाने को इस्लामाबाद द्वारा मुख्य रूप से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और...
27 अक्तूबर, 2026 को बाबासाहेब आंबेडकर की जालंधर की युगप्रवर्तक यात्रा के 75 वर्ष पूरे हो गए। यह बड़े सम्मान और गर्व की बात है कि इस यात्रा के दौरान...
व्हाट्सऐप पर संदेश फॉरवर्ड करने वाला व्यक्ति हर सुबह एक उद्देश्य के साथ जागता है। जब हममें से बाकी लोग दांत साफ कर रहे होते हैं और यह सोच रहे होते...
सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश संजय किशन कौल, जिन्होंने चार वर्षों तक भारत के मुख्य न्यायाधीश के बाद शीर्ष अदालत के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश के...
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विशेषज्ञ लंबे समय से यह सोच रहे थे कि क्या फोन ने जन्म दर में गिरावट में कोई भूमिका निभाई है, जो 2007 में शुरू हुई थी, उसी वर्ष, जब एप्पल ने आईफोन पेश किया था लेकिन अब तक इसे साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं था। दो नए शोध पत्र, जिनमें से एक गत सोमवार को और दूसरा मई में प्रकाशित हुआ, पहले ऐसे शैक्षणिक प्रयास हैं, जो यह जांचते हैं कि क्या स्मार्टफोन इसका एक कारण था?
दलबदल, आहत अहंकार और टूटी वफादारी के इस दौर में, हालिया राज्य चुनावों में तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और माकपा की हार और निराशा के कारण विपक्ष के ‘इंडिया’ ब्लॉक में दरारें और गहरी हो गईं। कल 25 विपक्षी दलों की बैठक में अंदरूनी मतभेद और तनाव और बढ़ गए। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और आॢथक दबाव जैसे मुद्दों पर भाजपा-विरोधी रुख बनाए रखने के बावजूद गठबंधन की एकता बहुत कमजोर स्थिति में है।
10 जून, 2026 को, भारत अपनी लोकतांत्रिक यात्रा में एक उल्लेखनीय क्षण का गवाह बनेगा, जब नरेंद्र मोदी निरंतर कार्यकाल के मामले में देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बन जाएंगे। वस्तुत: स्वतंत्रता के बाद से ही सार्वजनिक जीवन में शामिल रहने के कारण, मुझे पिछले 2 लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्रियों के साथ निकटता से बातचीत करने का अवसर मिला है।
अमृतसर की चहल-पहल भरी सड़कों पर, जहां हरिमंदिर साहिब का सुनहरा गुंबद प्राचीन मंदिरों के साथ चमकता है, या पंजाब के उपजाऊ खेतों में, जहां दोनों धर्मों के किसान कंधे से कंधा मिलाकर मेहनत करते हैं, सदियों से एक गहरा सच गूंज रहा है-सिख और हिंदू न केवल साथ रहे हैं, बल्कि उन्होंने भारत की रक्षा, निर्माण और
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे हुए, जिसका जश्न अनेक जगहों पर खूब मनाया गया। 30 मई, 1826 को हिंदी के पहले समाचार पत्र ‘उदंत मार्तंड’ का प्रकाशन कोलकाता से शुरू हुआ था। यह एक साप्ताहिक पत्र था। इसके सम्पादक जुगल किशोर शुक्ल जी थे, लेकिन यह मात्र 18 महीने ही चल पाया।
तमिलनाडु में भाजपा के पूर्व प्रमुख के. अन्नामलाई ने इस सप्ताह अपने राजनीतिक भविष्य को आकार देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिनमें दिल्ली में शीर्ष भाजपा नेताओं के साथ बैठक और पार्टी से अपने इस्तीफे की घोषणा करना शामिल है। इसका उद्देश्य उनकी राजनीतिक छवि को ऊपर उठाना और पाठकों को उनकी बदलती रणनीति के साथ जोड़े रखना है।
पूंजीवादी व्यवस्था के अधीन, संसार की वर्तमान दुर्दशा देखकर पूंजीवाद के अंधभक्त यदि अभी भी इस लुटेरे ढांचे का गुणगान करते जाएं, तो उनकी संवेदनहीनता और मूर्खता पर तरस ही खाया जा सकता है। इस ढांचे की मुख्य विशेषता अमीरी-गरीबी की खाई का बेतहाशा बढऩा और पूंजी का चंद हाथों में केंद्रित होते जाना है।
दिल्ली में एक युवा छात्र की हत्या ने नागरिकों को गुस्से में, परेशान और दुखी कर दिया है। मैं उस लड़के या उसके परिवार को नहीं जानती, लेकिन मेरी संवेदनाएं उसके परिवार और ऐसे कई अन्य परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अहंकारी, बिगड़े हुए और बेखौफ व्यक्तियों के गुस्से के कारण अपने बच्चों को खो दिया है। अगला शिकार कल कोई भी हो सकता है। एक किशोर जिसे अपने भविष्य की योजना बनानी, अपनी शिक्षा पूरी करनी चाहिए थी और युवावस्था के बेफिक्र दिन जीने चाहिए थे, वह चला गया है। उसके माता-पिता ने एक बेटा खोया है, उसके द
भारत की सभ्यता में परीक्षा केवल अंकों का खेल नहीं रही। हमारे यहां परीक्षा का अर्थ रहा है स्वयं को सिद्ध करना, अपनी योग्यता को समाज के समक्ष प्रमाणित करना और अपने श्रम को सम्मान दिलाना। यही कारण है कि भारतीय परिवारों में परीक्षा केवल विद्यार्थी नहीं देता, उसके साथ पूरा परिवार परीक्षा देता है। मां अपनी नींद त्यागती है, पिता अपनी इच्छाएं स्थगित करता है और छात्र अपनी किशोरावस्था का बड़ा हिस्सा पुस्तकों के बीच छोड़ आता है। किन्तु आज प्रश्न यह है कि क्या हमारी परीक्षा प्रणाली भी उतनी ही ईमानदार है जित
लगातार 15 साल शासन के बाद ममता बनर्जी की चुनावी पराजय से भी ज्यादा चौंकाने वाला उनकी तृणमूल कांग्रेस में बिखराव है। 2021 के विधानसभा चुनाव में 294 में से 215 और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में 42 में से 29 सीटें जीतने वाली तृणमूल इस बार विधानसभा में 80 पर सिमट जाएगी, ऐसा किसने सोचा था? बेशक चुनाव में बड़े उलटफेर पहले भी देखे गए हैं।
एक वकील के तौर पर, मैं समझता हूं कि अगर 2 सम्मानित जज कोर्ट की तरफ से बोलते हैं, तो असल में भारत का सुप्रीम कोर्ट बोल रहा होता है।
भारत के कॉर्पोरेट जगत के नेता अब अनिश्चितताओं से सहज महसूस करने लगे हैं। देश की संरचनात्मक वृद्धि बरकरार है। घरेलू मांग स्थिर है, उपभोक्ता वर्ग महत्वाकांक्षी है और नीतिगत माहौल व्यापक रूप से अनुकूल है। फिर भी, विकास का मार्ग पहले कभी इतना जटिल नहीं रहा। भू-राजनीति, तकनीकी व्यवधान और स्थिरता, वाॢषक नियोजन चक्रों की क्षमता से कहीं अधिक तेजी से प्रतिस्पर्धी गतिशीलता को नया आकार दे रहे हैं।
राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र के सूर्य चौहान की हत्या ने फिर देश को डराया है। बकरीद के दिन खोड़ा के नवनीत विहार में असद ने सूर्य चौहान के जिस तरह पेट में चाकू घोंपकर, घुमाकर हत्या की, उसमें सामान्य अपराध का भाव था ही नहीं। आप सोचिए, हत्यारे असद ने सूर्य से हत्या से पहले पूछा कि कभी बकरे को हलाल होते देखा है? यह किस तरह का प्रश्न है? उसने चाकू घोंपा और उसके पेट में घुमाया। यानी उसे चाकू घुमाने से सामने वाला जीवित नहीं बच सकेगा, इसकी पूरी जानकारी थी या फिर उसका प्रशिक्षण था
शिक्षा को लेकर हंगामा बरपा है। पढ़े लिखे बेरोजगारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शिक्षा संस्थान कुव्यवस्था, भ्रष्टाचार और विद्याॢथयों के जीवन से खिलवाड़ करने का अड्डा बन चुके हैं। पड़ताल करें तो सच का सामना होते देर नहीं लगेगी।
नैशनल हैल्थ मिशन (एन.एच.एम.) के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल पहलों को मजबूती से लागू करके पंजाब बच्चों की जान बचाने के मामले में अग्रणी राज्यों में से एक बनकर उभरा है। एन.एच.एम. द्वारा समॢथत इस स्वास्थ्य ढांचे को ‘मदर अप्रोच’ के तहत तैयार किया गया है। इसमें एन.एच.एम. की सभी पहलों को शामिल किया गया है ताकि बेहतर परिणामों के लिए मां और नवजात बच्चे को हर तरह से संपूर्ण सेवाएं प्रदान की जा सकें। परिणामस्वरूप, राज्य ने पिछले दशक के दौरान नवजात शिशु और बाल स्वास्थ्य संकेतकों में बड़ा सुधार किया
दक्षिण एशिया खाद्य प्रणालियों की अपनी यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। समृद्ध कृषि-जैव विविधता वाला एक प्रमुख क्षेत्र होने के बावजूद, खेत से उपभोक्ताओं तक पहुंचने की प्रक्रिया में अब तक बहुत अधिक कीमत कम हो जाती है, जो किसानों, रोजगार और पोषण के लिए एक छूटा हुआ अवसर है।
मेष राशि वालों आज का दिन आपके लिए ठीक रहेगा। आज मेहनत का बेहतरीन परिणाम मिल सकता है। नए लोगों से
वृष राशि वालों आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। व्यापार में पुराने मित्र से
मिथुन राशि वालों आज का दिन आपके लिए फेवरेबल रहेगा। आज युवाओं को नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। दफ्तर में
कर्क राशि वालों आज का दिन आपके लिए ठीक-ठाक रहेगा। ऑफिस में आपके विचारों को महत्व मिल सकता है।
सिंह राशि वालों आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। जीवनसाथी के
कन्या राशि वालों आज का दिन आपके लिए फेवरेबल रहेगा। प्रॉपर्टी के काम से क्षेत्र से जुड़े लोगों को कोई नया प्रोजेक्ट मिल
तुला राशि वालों आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा। करियर में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। किसी नए काम
वृश्चिक राशि वालों आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। आर्थिक रूप से राहत बनी रहेगी। आज अचानक से किसी
धनु राशि वालों आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा। व्यापार के कामकाज में तेजी बनी रहेगी। आय के नए स्रोत
मकर राशि वालों आज का दिन आपके लिए शानदार रहेगा। व्यापार में वृद्धि होने के संकेत हैं। जीवनसाथी के सहयोग से रुके हुए
कुंभ राशि वालों आज का दिन आपके लिए ठीक-ठाक रहेगा। पहले से निवेश किया गया धन वापस मिल सकता है। नौकरीपेशा
मीन राशि वालों आज का दिन आपके लिए बेहतर रहेगा। दोस्तों के साथ किसी स्थान पर घूमने जा सकते हैं। बिज़नेस में
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29/10/2026 10:30 IST
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