Edited By jyoti choudhary,Updated: 02 Mar, 2026 03:17 PM

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने की कीमतों में फिर से तेज हलचल देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर और मजबूत हुआ...
बिजनेस डेस्कः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने की कीमतों में फिर से तेज हलचल देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर और मजबूत हुआ है। डॉलर और बॉन्ड यील्ड में नरमी के बीच कीमती धातु को अतिरिक्त सहारा मिला है। कमोडिटी बाजार के जानकारों का मानना है कि मौजूदा हालात में सोने की तेजी अभी थमी नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक चिंताएं बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में सोने में और जोरदार उछाल देखने को मिल सकता है।
सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1% से अधिक चढ़कर 5,370 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया, जो पिछले एक महीने का उच्चतम स्तर है। फरवरी के साथ ही सोना लगातार सातवें महीने बढ़त दर्ज कर चुका है। 1973 के बाद यह सबसे लंबा दौर है जब कीमती धातु लगातार हर महीने चढ़ी है। वैश्विक केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीद और बॉन्ड व करेंसी बाजार से निकलकर सोने में आ रहे निवेश ने कीमतों को अतिरिक्त समर्थन दिया है।
इस बीच, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है, जिससे तेल आपूर्ति मार्गों में बाधा की आशंका बढ़ गई है। खासकर Strait of Hormuz को लेकर चिंता बढ़ी है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल की बड़ी मात्रा गुजरती है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली।
Gold Price Outlook: विशेषज्ञों की राय
केडिया एडवाइजरी के मुताबिक, मौजूदा भू-राजनीतिक हालात सोना और चांदी के लिए सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। युद्ध के बाद बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में नरमी आई है, जबकि वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित ठिकाने के रूप में कीमती धातुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कमोडिटी विशेषज्ञ अनुज गुप्ता का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा। ऐसे में सोना-चांदी में मौजूदा तेजी आने वाले महीनों में जारी रह सकती है। उनका सुझाव है कि निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाएं।
उनके अनुमान के अनुसार, लंबी अवधि में सोना 5,500–5,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी 100–110 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकती है। यह लक्ष्य दिवाली 2026 तक के लिए बताया गया है।