Edited By jyoti choudhary,Updated: 30 Jan, 2026 03:56 PM

शुक्रवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत में ही सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती 15 मिनट में ही निवेशकों की संपत्ति करीब 4 लाख करोड़ रुपए घट गई। ज्यादातर शेयर...
बिजनेस डेस्कः शुक्रवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत में ही सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती 15 मिनट में ही निवेशकों की संपत्ति करीब 4 लाख करोड़ रुपए घट गई। ज्यादातर शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 296 अंक लुढ़क कर 82,269 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 98 अंक की गिरावट रही, ये 25,320 के स्तर पर आ गया।
हालांकि, गिरते बाजार के बीच कुछ शेयर ऐसे भी रहे जिन्होंने निवेशकों को चौंका दिया। इन्हीं में एक नाम पारस पेट्रोफिल्स लिमिटेड (Paras Petrofils Ltd) का रहा, जिसका शेयर शुक्रवार को अपर सर्किट में फंस गया।
लगा अपर सर्किट
पारस पेट्रोफिल्स का शेयर 20 फीसदी के अपर सर्किट के साथ 2.70 रुपए पर पहुंच गया यानी 3 रुपए से कम कीमत वाला यह शेयर कमजोर बाजार में भी निवेशकों पर पैसा बरसाता नजर आया। पिछले कुछ समय से इस शेयर में लगातार तेजी देखने को मिल रही है।
एक महीने में 50% से ज्यादा का रिटर्न
बीते एक महीने में इस शेयर ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। एक महीने पहले इसकी कीमत करीब 1.79 रुपए थी, जो अब बढ़कर 2.70 रुपए हो गई है। इस तरह एक महीने में शेयर ने करीब 50.84 फीसदी का रिटर्न दिया है। वहीं पिछले 5 कारोबारी दिनों में इसमें करीब 63 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है।
लॉन्ग टर्म निवेशकों को किया निराश
हालांकि, लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो यह शेयर निवेशकों के लिए खास फायदेमंद नहीं रहा है। पिछले एक साल में शेयर करीब 5.63 फीसदी गिर चुका है। 5 साल की अवधि में इसने लगभग 79 फीसदी का रिटर्न दिया है लेकिन यह भी बहुत मजबूत प्रदर्शन नहीं माना जाता। गौरतलब है कि जून 2024 में यह शेयर 4.49 रुपए तक पहुंच गया था लेकिन इसके बाद इसमें गिरावट देखने को मिली।
कंपनी के बारे में
पारस पेट्रोफिल्स लिमिटेड पहले नायलॉन और पॉलिएस्टर यार्न का निर्माण करती थी। साथ ही यह टेक्सटाइल सेक्टर में फैब्रिक ट्रेडिंग और कमीशन बेस्ड सेवाएं भी देती थी। हालांकि, खराब बाजार परिस्थितियों के चलते कंपनी ने अपना मौजूदा कारोबार बंद कर दिया है। शेयरधारकों की मंजूरी के बाद कंपनी अपने यार्न मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स को बेचने की प्रक्रिया में है। अब कंपनी एक बड़े बदलाव की तैयारी में है और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में उतरने की योजना बना रही है। बीएसई की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप करीब 90.24 करोड़ रुपए है।