Warning! शेयर बाजार को लेकर बड़ी चेतावनी, 10% और गिर सकता है Nifty

Edited By Updated: 17 Mar, 2026 12:13 PM

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भारतीय शेयर बाजार में हाल के दिनों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अमेरिका-ईरान तनाव के चलते अधिकांश सत्रों में बिकवाली हावी रही, हालांकि मंगलवार, 17 मार्च को बाजार में हल्की तेजी दर्ज की गई। सुबह 11 बजे Sensex 287 अंकों की बढ़त के साथ 75,790...

बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजार में हाल के दिनों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अमेरिका-ईरान तनाव के चलते अधिकांश सत्रों में बिकवाली हावी रही, हालांकि मंगलवार, 17 मार्च को बाजार में हल्की तेजी दर्ज की गई। सुबह 11 बजे Sensex 287 अंकों की बढ़त के साथ 75,790 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इस बीच ब्रोकरेज फर्म Emkay Global Financial Services ने Nifty 50 को लेकर चिंता जताई है। फर्म के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमतें अगले 3-4 महीनों तक 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं, तो निफ्टी में करीब 10% तक और गिरावट आ सकती है और यह 21,000 के स्तर तक पहुंच सकता है।

कॉर्पोरेट मुनाफे पर दबाव बढ़ने की आशंका

ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनियों की आय पर दोहरा असर पड़ सकता है। एक तरफ मांग में कमजोरी और दूसरी ओर लागत में बढ़ोतरी से कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा। इसका असर लगभग सभी सेक्टर्स पर देखने को मिल सकता है।

एलपीजी की संभावित कमी से रोजमर्रा की खपत पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे महंगाई बढ़ने और वैश्विक आर्थिक वृद्धि में सुस्ती आने का खतरा है।

आर्थिक वृद्धि और स्थिरता पर खतरा

Emkay Global Financial Services के अनुसार, ऊंची तेल कीमतें भारत की आर्थिक वृद्धि, मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता और कॉर्पोरेट लाभप्रदता के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। सप्लाई चेन में बाधाएं और ऊर्जा संकट औद्योगिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के लिए लंबे समय तक महंगे कच्चे तेल को झेलना चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि ईंधन की कीमतों पर इसका असर 6 से 8 सप्ताह में दिख सकता है लेकिन यदि कीमतें लंबे समय तक 100 डॉलर से ऊपर बनी रहती हैं, तो प्रभाव से बचना मुश्किल होगा।

किन सेक्टर्स में अवसर, कहां रहेगी कमजोरी

ब्रोकरेज के मुताबिक, टेक्नोलॉजी, फार्मा, मेटल्स और पावर सेक्टर अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। वहीं, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां, यूटिलिटीज, एयरलाइंस और ऑटोमोबाइल सेक्टर दबाव में रह सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बैंकिंग और NBFC शेयरों में हालिया गिरावट के बाद लंबी अवधि के निवेश के अवसर बन सकते हैं।
 

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