Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Jun, 2026 02:33 PM

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि देश की आर्थिक स्थिति 'मजबूत' है और नीतिगत उपायों से पूंजी प्रवाह बढ़ेगा। मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा के बाद कहा कि चार प्रतिशत मुद्रास्फीति का लक्ष्य स्थगित...
बिजनेस डेस्कः भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि देश की आर्थिक स्थिति 'मजबूत' है और नीतिगत उपायों से पूंजी प्रवाह बढ़ेगा। मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा के बाद कहा कि चार प्रतिशत मुद्रास्फीति का लक्ष्य स्थगित नहीं किया गया है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मुद्रास्फीति के अनुमान को 0.50 प्रतिशत बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत करने के बावजूद, मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया।
उन्होंने कहा, ''कुल मिलाकर, हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी है और हमें विश्वास है कि हम इसे भविष्य में और अधिक मजबूत होने के अवसर में बदल सकते हैं।'' मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई और सरकार द्वारा घोषित उपायों के माध्यम से पूंजी प्रवाह के लिए कोई विशेष लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। इन उपायों से पूंजी प्रवाह में वृद्धि होनी चाहिए। सरकार ने रुपये पर दबाव को कम करने और विदेशी पूंजी आकर्षित करने के उद्देश्य से सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी निवेशकों को ब्याज आय और पूंजीगत लाभ पर आयकर से छूट दी है। वहीं केंद्रीय बैंक ने पूर्ण पहुंच मार्ग (एफएआर) के तहत पात्र सरकारी प्रतिभूतियों के दायरे का विस्तार करते हुए 15, 30 और 40 वर्ष के नए सरकारी बॉन्ड इसमें शामिल किए हैं।
इसके साथ आरबीआई ने सामान्य मार्ग के तहत निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए अल्पकालिक निवेश, कोष रखने की सीमा और व्यक्तिगत प्रतिभूति सीमा से जुड़े प्रतिबंध भी हटा दिए हैं। डिप्टी-गवर्नर पूनम गुप्ता ने कहा कि हाल के उपायों के चलते आरबीआई को इस वर्ष भुगतान संतुलन (बीओपी) बेहतर रहने की उम्मीद है। मल्होत्रा ने यह भी कहा कि पूंजी निकासी को प्रतिबंधित करने के लिए कोई उपाय विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति में आने वाली रुकावटों की अवधि और कीमतों पर इसका प्रभाव फिलहाल आरबीआई के लिए सबसे बड़ी चिंता है।
इसके बाद मानसून कमजोर रहने और अल नीनो की स्थिति से मुद्रास्फीति पर पड़ने वाला प्रतिकूल प्रभाव भी चिंता का विषय है। मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई ब्याज दरें तभी बढ़ाएगा जब मुद्रास्फीति लगातार बनी रहेगी और व्यापक होगा। उन्होंने पॉलिमर करेंसी नोट जारी करने के प्रस्ताव पर कहा कि इस पर विचार चल रहा है और फिलहाल यह शुरुआती चरण में है।