कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों, वैश्विक रुख से तय होगी शेयर बाजारों की दिशा

Edited By jyoti choudhary,Updated: 17 Jul, 2022 01:02 PM

first quarter results of companies global trend will decide the direction

शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह कंपनियों के तिमाही नतीजों, विदेशी निवेशकों के रुख, वैश्विक रुझान और रुपए के उतार-चढ़ाव से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट कच्चे तेल के दाम भी बाजार की धारणा को प्रभावित...

नई दिल्लीः शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह कंपनियों के तिमाही नतीजों, विदेशी निवेशकों के रुख, वैश्विक रुझान और रुपए के उतार-चढ़ाव से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट कच्चे तेल के दाम भी बाजार की धारणा को प्रभावित करेंगे। स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि इस सप्ताह सोमवार को बाजार एचडीएफसी बैंक के तिमाही नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा। सप्ताह के दौरान अंबुजा सीमेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंडसइंड बैंक और विप्रो के तिमाही नतीजे भी आने हैं।

मीणा ने कहा कि वैश्विक मोर्चे पर बात की जाए, तो यूरोपीय केंद्रीय बैंक और बैंक ऑफ जापान का ब्याज दरों पर निर्णय बाजार की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। साथ ही डॉलर इंडेक्स का रुख भी बाजार की दृष्टि से अहम होगा। मीणा ने कहा कि इसके साथ ही बाजार की निगाह जिंस कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के रुख पर रहेगी। एचडीएफसी बैंक का जून तिमाही का शुद्ध लाभ 20.91 प्रतिशत के उछाल के साथ 9,579.11 करोड़ रुपए पर पहुंच गया गया है। एकल आधार पर बैंक का शुद्ध लाभ बढ़कर 9,195.99 करोड़ रुपए रहा है, जो पिछले साल की समान तिमाही में 7,729.64 करोड़ रुपए था। हालांकि, यह मार्च तिमाही के 10,055.18 करोड़ रुपए से कम रहा है। 

रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष शोध अजित मिश्रा ने कहा कि किसी प्रमुख घटनाक्रम के अभाव में हमारा मानना है कि कंपनियों के तिमाही नतीजे और वैश्विक संकेतक बाजार की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेंगे। न सिर्फ देश में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच संघर्ष देखने को मिल रहा है। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 721.06 अंक या 1.32 प्रतिशत नीचे आया। सैमको सिक्योरिटीज में प्रमुख (बाजार परिदृश्य) अपूर्व सेठ ने कहा कि मुद्रास्फीति को लेकर बढ़ती चिंता तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका की वजह से निकट भविष्य में भारतीय बाजारों में अनिश्चितता रहेगी। इस समय तिमाही नतीजों का दौर चल रहा है। बाजार के खिलाड़ियो को कंपनियों के आंकड़ों पर ध्यान देने के बजाय प्रबंधन के भविष्य के आकलन पर गौर करना चाहिए। 

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि तिमाही नतीजों के सीजन के जोर पकड़ने के साथ बाजार में शेयर विशेष गतिविधियां देखने को मिलेंगी। आगे चलकर बाजार में एक दायरे में कारोबार हो सकता है। सप्ताह के दौरान हिंदुस्तान जिंक, आईडीबीआई, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, पीवीआर और रिलायंस इंडस्ट्रीज के तिमाही नतीजे भी आने हैं। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी शोध (खुदरा) प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा कि अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों की घोषणा के साथ हमें अगले एक माह के दौरान शेयर और क्षेत्र विशेष गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

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