Edited By jyoti choudhary,Updated: 04 Nov, 2026 10:50 AM

सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट के बीच निवेशकों और खरीदारों के लिए एक और बड़ी खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 4,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ चुका है। इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड तेजी के साथ 5,500
नई दिल्लीः सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट के बीच निवेशकों और खरीदारों के लिए एक और बड़ी खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 4,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ चुका है। इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड तेजी के साथ 5,500 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार करने वाला सोना अब दबाव में है। साल की शुरुआत से अब तक इसकी कीमतों में 8 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। इस बीच ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने सोने की कीमतों में और बड़ी गिरावट आने का अनुमान जताया है।
नोमुरा ने $3,500 तक गिरने का जताया अनुमान
ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने अपनी ताजा रिसर्च रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत गिरकर 3,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। फिलहाल सोना करीब 3,947 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इस लिहाज से मौजूदा स्तर से कीमतों में लगभग 11 फीसदी की और गिरावट आ सकती है।
भारतीय बाजार पर इसका असर देखें तो फिलहाल 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.39 लाख रुपए के आसपास है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में नोमुरा का अनुमान सही साबित होता है और भारतीय बाजार में भी इसी अनुपात में गिरावट आती है, तो सोना करीब 15,290 रुपए तक सस्ता हो सकता है। ऐसे में 10 ग्राम सोने का भाव घटकर लगभग 1.23 लाख रुपये के स्तर पर आ सकता है।
मुनाफावसूली से सोने की कीमतों पर दबाव
सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे लगातार हो रही मुनाफावसूली को एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट एवं रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, निवेशकों की ओर से लगातार बिकवाली किए जाने से सोने पर दबाव बढ़ा है। भारी बिकवाली के कारण कीमतें ओवरसोल्ड जोन के करीब पहुंच रही हैं।
उनका कहना है कि सोने में मजबूत और टिकाऊ रिकवरी के लिए नई खरीदारी का आना जरूरी है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार से सकारात्मक संकेत मिलने पर ही कीमतों को दोबारा मजबूती मिल सकती है।
अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और चुनाव पर रहेगी नजर
आने वाले दिनों में सोने की दिशा काफी हद तक अमेरिका से मिलने वाले आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगी। बाजार की नजर अमेरिकी बेरोजगारी के आंकड़ों, नॉन-फार्म पेरोल डेटा और चुनाव से जुड़े घटनाक्रम पर रहेगी। इन आंकड़ों से अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं।
तकनीकी नजरिए से जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, घरेलू बाजार में 1,42,000 रुपये का स्तर सोने के लिए अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है। जब तक सोना इस स्तर के ऊपर टिककर कारोबार नहीं करता, तब तक निकट अवधि में मजबूत तेजी की संभावना कम है।