Edited By jyoti choudhary,Updated: 18 Sep, 2026 10:11 PM

अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद गोल्डमैन सैक्स ने सोने की कीमतों पर टारगेट दिया है। गोल्डमैन सैक्स ने साल 2027 के आखिर तक इंटरनेशनल मार्केट में सोने का भाव 5,400 डॉलर प्रति ट्रॉय आउंस रहने का अनुमान बरकरार रखा
नई दिल्लीः अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद गोल्डमैन सैक्स ने सोने की कीमतों पर टारगेट दिया है। गोल्डमैन सैक्स ने साल 2027 के आखिर तक इंटरनेशनल मार्केट में सोने का भाव 5,400 डॉलर प्रति ट्रॉय आउंस रहने का अनुमान बरकरार रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऊंची ब्याज दरों के कारण निकट अवधि में सोने की कीमत पर दबाव आ सकता है लेकिन सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी लंबी अवधि में कीमतों को सहारा दे सकती है।
ब्याज दरों का सोने पर असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी आमतौर पर सोने के लिए दबाव बढ़ाती हैं। इसकी वजह यह है कि सोना कोई ब्याज नहीं देता, जबकि बॉन्ड और बैंक डिपॉजिट जैसे विकल्प ब्याज आय देते हैं। ब्याज दरें बढ़ने पर डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत हो सकती हैं, जिससे निवेशकों का एक हिस्सा सोने से बाहर निकल सकता है।
हालांकि, गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि यह दबाव लंबी अवधि की तस्वीर को पूरी तरह नहीं बदलता। दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर और अन्य परिसंपत्तियों के साथ सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। इससे गोल्ड की मांग को लगातार समर्थन मिल रहा है।
गिरावट का भी जोखिम
बैंक ने एक कमजोर स्थिति का अनुमान भी दिया है। यदि अमेरिकी फेड इस साल तीन और बार ब्याज दरें बढ़ाता है और अंतिम दर अनुमान से ज्यादा रहती है, तो सोने की कीमत करीब 4,070 डॉलर प्रति ट्रॉय आउंस तक गिर सकती है। हालांकि, इसके बाद केंद्रीय बैंकों की खरीदारी कीमत को सहारा दे सकती है। बैंक ने 2026 के अंत तक करीब 4,200 डॉलर का स्तर भी अनुमानित किया है।
भारत में कितना महंगा हो सकता है सोना?
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,400 डॉलर प्रति ट्रॉय आउंस पहुंचता है और डॉलर-रुपया दर करीब 96 रुपए रहती है, तो मौजूदा घरेलू प्राइसिंग अंतर को आधार मानते हुए भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1.90 लाख से ₹1.95 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है। इसका अनुमानित स्तर करीब ₹1.94 लाख बैठता है।
हालांकि, यह कोई निश्चित कीमत नहीं है। भारत में सोने का भाव अंतरराष्ट्रीय कीमत के अलावा रुपये की चाल, इंपोर्ट ड्यूटी, टैक्स, स्थानीय प्रीमियम और घरेलू मांग पर भी निर्भर करता है। वहीं ज्वेलरी खरीदने पर मेकिंग चार्ज और अन्य लागू शुल्क अलग से जुड़ेंगे।