अनाज भी आएगा GST के दायरे में, सरकार ने बनाई कमेटी

Edited By Updated: 01 Nov, 2019 11:07 AM

grain will also come under the purview of gst

जल्द ही आपको अनाज जैसे उत्पादों पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) चुकाना पड़ सकता है। फिलहाल अनाज पर वैल्यू एडेड टैक्स प्रणाली के तहत परचेज टैक्स लगता है। रैवेन्यू बढ़ाने के लिए गठित की गई अफसरों की कमेटी अनाजों को भी जीएसटी के दा..........

नई दिल्लीः जल्द ही आपको अनाज जैसे उत्पादों पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) चुकाना पड़ सकता है। फिलहाल अनाज पर वैल्यू एडेड टैक्स प्रणाली के तहत परचेज टैक्स लगता है। रैवेन्यू बढ़ाने के लिए गठित की गई अफसरों की कमेटी अनाजों को भी जीएसटी के दायरे में लाने के बारे में विचार कर रही है। कमेटी टैक्स चोरी रोकने के लिए रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म लागू करने और कम्पोजिशन स्कीम के तहत दरों में बदलाव करने के बारे में भी सोच रही है। कम्पोजिशन स्कीम के तहत जीएसटी में फ्लैट टैक्स रेट मिलता है और रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया आसान हो जाती है।
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एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक अब तक अनाज जैसे कई उत्पाद थे, जहां थोक व्यापारी परचेज टैक्स अदा किया करते थे लेकिन अब व्यापारियों को इससे छूट दे दी गई है। अब जीएसटी में दरें काफी कम हो गई हैं। जीएसटी लागू होने से पहले की दरें मौजूदा जीएसटी दरों से ज्यादा हैं। सरकार बिना मुनाफा कमाए जीएसटी लागू करना चाहती थी, लेकिन अब सरकार को इसमें नुक्सान हो रहा है।
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19 माह के निचले स्तर पर पहुंचा जीएसटी कलैक्शन
दरअसल चालू वित्त वर्ष के सितम्बर माह में जीएसटी कलैक्शन 19 महीनों के निचले स्तर 91,916 करोड़ रुपए पर पहुंचा। यह आंकड़ा पिछले साल सितम्बर माह के जीएसटी कलैक्शन से 2.67 प्रतिशत कम है। मौजूदा वित्त वर्ष के अगस्त माह में हुए 98,202 करोड़ रुपए के जीएसटी. कलैक्शन से सितम्बर 2019 में 6.4 प्रतिशत कम जीएसटी कलैक्शन हुआ। इसी के चलते सरकार ने रैवेन्यू बढ़ाने के उपाय तलाशने के लिए कमेटी का गठन किया है।
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