अमेरिका की सख्ती के बीच UAE से राहत, जेम्स-ज्वैलरी एक्सपोर्ट को मिला नया बाजार

Edited By Updated: 21 Jan, 2026 06:31 PM

hit by us tariffs uae emerges as a new hope for gems and jewelry exporters

अमेरिका की सख्त टैरिफ नीति से प्रभावित भारतीय जेम्स और ज्वैलरी एक्सपोर्टर्स के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) अब एक नई उम्मीद बनकर उभरा है। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की हालिया संक्षिप्त भारत यात्रा ने भारत-यूएई व्यापारिक...

बिजनेस डेस्कः अमेरिका की सख्त टैरिफ नीति से प्रभावित भारतीय जेम्स और ज्वैलरी एक्सपोर्टर्स के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) अब एक नई उम्मीद बनकर उभरा है। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की हालिया संक्षिप्त भारत यात्रा ने भारत-यूएई व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती देने के संकेत दिए हैं। दोनों देशों ने वर्ष 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। फिलहाल यह व्यापार करीब 100 अरब डॉलर के स्तर पर है।

कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) के तहत टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेस, एनर्जी और डिफेंस जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा लेकिन इसका सबसे बड़ा फायदा राजस्थान के जेम्स-ज्वैलरी एक्सपोर्टर्स को मिलता नजर आ रहा है। अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ से जहां ज्वैलरी निर्यात को झटका लगा था, वहीं सीईपीए के तहत यूएई को ड्यूटी-फ्री गहनों का निर्यात नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है।

आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से 2024-25 के बीच भारत से यूएई को जेम्स-ज्वैलरी एक्सपोर्ट में करीब 60 फीसदी की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

राजस्थान के लिए दूसरा बड़ा बाजार बना यूएई

ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर के महासचिव नीरज लूणावत के अनुसार, राजस्थान की ज्वैलरी इंडस्ट्री के लिए यूएई अब दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। सीईपीए लागू होने के बाद खासतौर पर जयपुर के जेम्स-ज्वैलरी एक्सपोर्टर्स को बड़ा फायदा मिला है। उन्होंने बताया कि अमेरिका द्वारा लगाए गए करीब 50 फीसदी टैरिफ के कारण 30 फीसदी तक जेम्स-ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ है, जिसकी भरपाई अब यूएई बाजार से हो रही है।

अगले 5 साल सुनहरा मौका

ग्लोबल मार्केट एक्सपर्ट महेश शर्मा का कहना है कि यूएई के साथ लगातार बढ़ते व्यापारिक रिश्ते भारतीय मैन्युफैक्चरर्स और एक्सपोर्टर्स के लिए अगले पांच सालों में सुनहरा अवसर साबित हो सकते हैं। सीईपीए के बाद यूएई को जेम्स-ज्वैलरी एक्सपोर्ट में 18 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा इंजीनियरिंग गुड्स, आईटी प्रोडक्ट्स, इंफ्रा और स्किल्ड मैनपावर जैसे क्षेत्रों में भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं। यूएई की ओपन ट्रेड पॉलिसी भारत को ग्लोबल वैल्यू चेन से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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