Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Sep, 2026 05:07 PM

अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो उसे समय से पहले ही निपटा लेना बेहतर होगा। बैंक कर्मचारियों की यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच बातचीत में कोई सहमति नहीं बन पाने के बाद सितंबर और अक्तूबर में देशव्यापी बैंक हड़ताल का खतरा...
नई दिल्लीः अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो उसे समय से पहले ही निपटा लेना बेहतर होगा। बैंक कर्मचारियों की यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच बातचीत में कोई सहमति नहीं बन पाने के बाद सितंबर और अक्तूबर में देशव्यापी बैंक हड़ताल का खतरा बढ़ गया है। हड़ताल के कारण कई दिनों तक बैंकिंग काम प्रभावित हो सकते हैं।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने कहा है कि 4 सितंबर को IBA के साथ हुई बैठक में प्रमुख मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला। ऐसे में 11 सितंबर 2026 की प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल को फिलहाल वापस लेने का कोई आधार नहीं है।
कब-कब हो सकती है बैंक हड़ताल?
UFBU के मौजूदा कार्यक्रम के मुताबिक बैंक कर्मचारियों की हड़ताल अलग-अलग चरणों में हो सकती है:
- 11 सितंबर 2026: एक दिन की देशव्यापी हड़ताल
- 28 से 30 सितंबर 2026: तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल
- 26 अक्तूबर 2026 से: अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल
हालांकि, आगे बातचीत में किसी समझौते की स्थिति बनती है तो कार्यक्रम में बदलाव संभव है।
5 दिन बैंकिंग व्यवस्था की मांग
बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में सिर्फ पांच दिन काम करने की मांग कर रहे हैं। प्रस्ताव के तहत बैंक सोमवार से शुक्रवार तक खुले रहेंगे, जबकि शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश होगा।
मौजूदा व्यवस्था में दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं। प्रस्तावित पांच-दिवसीय कार्य प्रणाली के तहत सोमवार से शुक्रवार तक कर्मचारियों के काम के समय में रोजाना करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी की जा सकती है, ताकि बैंकिंग सेवाओं के कुल समय में ज्यादा कमी न आए।
यूनियनों के मुताबिक, इस व्यवस्था को लागू करने का प्रस्ताव IBA और बैंक कर्मचारी संगठनों के बीच 8 मार्च 2024 के समझौते और जॉइंट नोट में शामिल था। उनका कहना है कि प्रस्ताव सरकार की मंजूरी के लिए भेजे जाने के बावजूद अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।