NPS New Rules: NPS में निवेश करने वालों के लिए जरूरी खबर, 1 अक्टूबर से बदलेंगे चार्ज के नियम

Edited By Updated: 31 Aug, 2026 05:45 PM

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नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वालों के लिए अहम खबर है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS और NPS Lite से जुड़े पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) चार्ज में बदलाव किया है। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।

नई दिल्लीः नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वालों के लिए अहम खबर है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS और NPS Lite से जुड़े पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) चार्ज में बदलाव किया है। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।

नई व्यवस्था के तहत PoP के जरिए नया NPS अकाउंट खोलने पर अधिकतम ₹200 की वन-टाइम ऑनबोर्डिंग फीस देनी होगी। इसके अलावा खाते में मौजूद कुल निवेश यानी Assets Under Management (AUM) पर हर साल 0.20% का PoP चार्ज लागू होगा। हालांकि, सभी ऑनलाइन NPS खातों पर एक जैसा शुल्क नहीं लगेगा। कुछ पूरी तरह डिजिटल तरीके से खोले गए खातों के लिए ऑनबोर्डिंग फीस ₹100 तक हो सकती है।

PoP के जरिए NPS खाता खोलने पर ₹200 फीस

नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति PoP के जरिए NPS में नया PRAN खोलता है, तो उससे ₹200 की एकमुश्त ऑनबोर्डिंग फीस ली जाएगी। यह रकमअकाउंट से एक साथ नहीं काटी जाएगी। Central Recordkeeping Agencies (CRA) इसे हर तिमाही ₹50 के हिसाब से यूनिट कैंसिल करके वसूलेंगी यानी निवेशक को अलग से ₹200 जमा करने की जरूरत नहीं होगी। फीस NPS में मौजूद निवेश की यूनिट्स को एडजस्ट करके ली जाएगी।

पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया पर ₹100 तक हो सकती है फीस

जो ग्राहक NPS ऑनबोर्डिंग की पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से और बिना किसी आमने-सामने की प्रक्रिया के पूरी करते हैं, उनके लिए ऑनबोर्डिंग फीस ₹100 तक हो सकती है। हालांकि, यह रियायत हर ऑनलाइन NPS खाते पर अपने आप लागू नहीं होगी। शुल्क इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित PoP किस श्रेणी में पंजीकृत है और उस पर लागू नियम क्या हैं।

हर साल AUM पर लगेगा 0.20% PoP चार्ज 

नए नियमों में PoP के लिए सालाना 0.20% AUM चार्ज भी तय किया गया है। AUM का मतलब है आपके NPS खाते में उस समय मौजूद कुल निवेश। मान लीजिए आपके NPS खाते में ₹5 लाख जमा हैं। 0.20% के हिसाब से सालाना चार्ज करीब ₹1,000 होगा। इस पर GST और अन्य लागू टैक्स अलग से हो सकते हैं। यह रकम सीधे खाते से साल में एक बार काटे जाने के बजाय NPS के NAV में एडजस्ट की जाएगी और तिमाही आधार पर PoP को दी जाएगी।

बाद में e-NPS पर जाने से चार्ज खत्म नहीं होगा

निवेशकों के लिए इस नियम को समझना खास तौर पर जरूरी है। अगर आपने शुरुआत में NPS खाता PoP के जरिए खोला है, तो बाद में e-NPS या D-Remit के जरिए योगदान करने पर भी PoP से जुड़े चार्ज खत्म नहीं होंगे। वहीं, अगर NPS अकाउंट शुरुआत से ही e-NPS के जरिए खोला गया है और आगे भी e-NPS या D-Remit के माध्यम से योगदान किया जाता है, तो संबंधित निवेशक PoP चार्ज से बाहर रह सकता है यानी सिर्फ ऑनलाइन तरीके से पैसे जमा करने से PoP शुल्क से राहत नहीं मिलेगी। खाते को पहली बार किस माध्यम से खोला गया था, यह ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।

Dormant NPS खाते पर नहीं लगेगा सालाना PoP चार्ज

लंबे समय से निष्क्रिय पड़े NPS खातों को भी नए नियमों में राहत दी गई है। अगर किसी खाते में योगदान बंद हो जाता है और तय शर्तों के तहत उसे Dormant यानी निष्क्रिय माना जाता है, तो उस अवधि के दौरान सालाना PoP चार्ज नहीं लिया जाएगा। दिए गए नियमों के मुताबिक, योगदान के बाद लगातार चार तिमाहियों तक कोई नया योगदान नहीं होने पर खाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत Dormant माना जा सकता है।

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