US डील और वेनेजुएला ऑयल, भारत को होगा 27,081 करोड़ का फायदा: SBI

Edited By Updated: 04 Feb, 2026 12:50 PM

us deal and venezuelan oil india to benefit by 27 081 crore

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील अब अंतिम रूप ले चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 50 फीसदी तक के टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि भारत अब वेनेजुएला से तेल खरीद सकता है। इस...

बिजनेस डेस्कः भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील अब अंतिम रूप ले चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 50 फीसदी तक के टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि भारत अब वेनेजुएला से तेल खरीद सकता है। इस पूरे घटनाक्रम पर SBI Research ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कहा गया है कि इस डील से भारत को दोहरा फायदा होगा और सालाना करीब 27 हजार करोड़ रुपए की बचत संभव है।

तेल आयात से होगी बड़ी बचत

SBI Research के मुताबिक, अगर भारत कच्चे तेल की खरीद में रूस के बजाय वेनेजुएला की ओर रुख करता है, तो देश को हर साल करीब 27,081 करोड़ रुपए (लगभग 3 अरब डॉलर) की सीधी बचत हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वेनेजुएला का हेवी क्रूड ऑयल Merey-16 अंतरराष्ट्रीय बाजार भाव से करीब 10 से 12 डॉलर प्रति बैरल सस्ता मिल सकता है।

अब तक रूस से मिलने वाला डिस्काउंटेड तेल भारत की जरूरतों को पूरा करता रहा है, लेकिन अगर भविष्य में रूस से सप्लाई में कमी आती है, तो वेनेजुएला एक मजबूत और किफायती विकल्प बन सकता है। इससे भारत की तेल लागत नियंत्रित रहेगी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा।

रूस पर निर्भरता होगी कम

यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों के चलते भारत ने रूस से बड़ी मात्रा में रियायती दरों पर तेल खरीदा था। इसका नतीजा यह रहा कि FY25 में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 30 फीसदी से ज्यादा पहुंच गई। हालांकि अब हालात बदल रहे हैं। भारत के पास फिलहाल करीब 40 देशों से तेल खरीदने के विकल्प मौजूद हैं, जिनमें वेनेजुएला, सऊदी अरब, इराक, UAE, अमेरिका और पश्चिमी अफ्रीकी देश शामिल हैं। इससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति ज्यादा सुरक्षित और संतुलित होगी।

निर्यातकों को मिलेगा बड़ा बूस्ट

भारत-अमेरिका ट्रेड डील का सबसे बड़ा फायदा भारतीय निर्यातकों को मिलने की उम्मीद है। अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया है, जो पहले कुछ मामलों में 50 फीसदी तक पहुंच गया था। SBI Research का मानना है कि यह कटौती भारत के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है और इससे भारत को वियतनाम और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों पर टैरिफ के मामले में सीधी बढ़त मिलेगी।

इन सेक्टर्स को होगा सबसे ज्यादा फायदा

रिपोर्ट के अनुसार, इस डील से जेम्स एंड ज्वेलरी, टेक्सटाइल, लेदर, केमिकल्स, सीफूड और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सेक्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा। अमेरिका पहले ही भारत के कुल निर्यात का करीब 20 फीसदी हिस्सा बन चुका है। टैरिफ घटने से नए ऑर्डर बढ़ सकते हैं और कंपनियों की कमाई मजबूत हो सकती है।

महंगाई पर नहीं पड़ेगा असर

SBI की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि इस बदलाव से घरेलू महंगाई बढ़ने का खतरा नहीं है। सस्ते तेल विकल्प उपलब्ध रहने से ऊर्जा लागत काबू में रहेगी। इससे एक तरफ निर्यात बढ़ेगा और डॉलर आएंगे, तो दूसरी तरफ आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ेगा।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रेड डील के दौरान भारत ने कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर खास सावधानी बरती है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है, ऐसे में इन सेक्टर्स की सुरक्षा रोजगार, ग्रामीण आय और खाद्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है।

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