Edited By jyoti choudhary,Updated: 03 Feb, 2026 06:27 PM

भारत और अमेरिका के बीच लंबित मुक्त व्यापार समझौते पर आखिरकार मुहर लग गई है। इस डील के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर लागू जवाबी शुल्क को घटा दिया है। इसका मतलब है कि भारत के प्रोडक्ट अब अमेरिका में सस्ते और अन्य देशों की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी...
बिजनेस डेस्कः भारत और अमेरिका के बीच लंबित मुक्त व्यापार समझौते पर आखिरकार मुहर लग गई है। इस डील के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर लागू जवाबी शुल्क को घटा दिया है। इसका मतलब है कि भारत के प्रोडक्ट अब अमेरिका में सस्ते और अन्य देशों की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे।
निर्यात और रोजगार को बड़ा फायदा
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा कि इस डील से भारत के कुल निर्यात का लगभग 21% हिस्सा—खासतौर पर श्रम प्रधान क्षेत्रों जैसे रत्न एवं आभूषण, कपड़ा और परिधान—सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। मूडीज ने यह भी बताया कि इन सेक्टरों की कर्ज चुकाने की क्षमता बेहतर होगी और उत्पादन बढ़ने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इन सेक्टरों पर कोई असर नहीं
हालांकि, दवाइयों और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स पर पहले से ही अमेरिका ने छूट दी हुई थी, इसलिए शुल्क में कटौती का इन पर असर नहीं पड़ेगा।
रूसी तेल पर भारत की निर्भरता जारी
मूडीज ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत पूरी तरह रूस से तेल की खरीद बंद नहीं कर सकता, क्योंकि इससे आपूर्ति और महंगाई पर असर पड़ सकता है। लेकिन अमेरिका ने इस परिस्थिति को समझते हुए भारत के साथ ट्रेड डील को आगे बढ़ाया।
इस डील से न केवल भारतीय एक्सपोर्टर्स को फायदा होगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी मजबूती आएगी।