क्रिप्टोकरेंसी की गिरावट से सहमे निवेशक, डूब गए ₹18000000000000, अचानक क्यों क्रैश हुआ क्रिप्टो मार्केट

Edited By Updated: 06 Feb, 2026 01:59 PM

investors are shaken by the cryptocurrency crash losing 18 000 000 000 000

क्रिप्टो बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। बिटकॉइन, इथेरियम और बाइनेंस कॉइन समेत प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में तेज गिरावट से वैश्विक मार्केट कैप करीब 10% घटकर लगभग 2.24 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। पिछले 24 घंटों में निवेशकों को 18 लाख करोड़ रुपए...

बिजनेस डेस्कः क्रिप्टो बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। बिटकॉइन, इथेरियम और बाइनेंस कॉइन समेत प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में तेज गिरावट से वैश्विक मार्केट कैप करीब 10% घटकर लगभग 2.24 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। पिछले 24 घंटों में निवेशकों को 18 लाख करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है, जिससे बाजार में डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

साल 2026 की शुरुआत से ही बिटकॉइन दबाव में है और अब तक 20% से ज्यादा गिर चुका है। अक्टूबर के करीब 1,24,000 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर से इसकी कीमत आधे से भी कम रह गई है। शुक्रवार सुबह बिटकॉइन लगभग 65,500 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था, हालांकि दिनभर में इसमें भारी उतार-चढ़ाव भी देखा गया।

क्रिप्टो बाजार की गिरावट का असर उन कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ा है जिनके पास बड़ी मात्रा में डिजिटल एसेट्स हैं। पिछले साल क्रिप्टो में निवेश बढ़ाने वाली कई कंपनियां अब दबाव झेल रही हैं। अक्टूबर की शुरुआत में जहां पूरे क्रिप्टो बाजार का मूल्य 4.38 ट्रिलियन डॉलर था, वहीं अब यह घटकर करीब 2.26 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अकेले पिछले महीने में करीब 800 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। इस साल अब तक बिटकॉइन करीब 28% और इथेरियम लगभग 38% गिर चुका है।

गिरावट के कई कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि गिरावट के पीछे कई कारण हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, AI कंपनियों के वैल्यूएशन पर चिंता और जोखिम वाली संपत्तियों से निवेशकों का दूरी बनाना मुख्य वजहें हैं। साथ ही केविन वॉर्श को फेडरल रिजर्व का अगला चेयर नामित किए जाने से सख्त मौद्रिक नीति की आशंका बढ़ी है, जो क्रिप्टो बाजार के लिए नकारात्मक मानी जा रही है।

निवेशकों की भावना भी तेजी से कमजोर हुई है। क्रिप्टो का फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स 49 से गिरकर 5 पर आ गया है, जो ‘एक्सट्रीम फीयर’ को दर्शाता है। इससे साफ है कि फिलहाल निवेशकों में भारी घबराहट है और वे जोखिम कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
 

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