Edited By jyoti choudhary,Updated: 06 Feb, 2026 05:27 PM

साल 2008 की वैश्विक मंदी की भविष्यवाणी करने वाले अमेरिकी अर्थशास्त्री पीटर शिफ ने एक बार फिर निवेशकों को बड़ा अलर्ट दिया है। उनका कहना है कि अमेरिकी डॉलर पर बड़ा संकट मंडरा रहा है और आने वाले समय में सोना उसकी जगह ले सकता है। शिफ ने चेतावनी दी है कि...
बिजनेस डेस्कः साल 2008 की वैश्विक मंदी की भविष्यवाणी करने वाले अमेरिकी अर्थशास्त्री पीटर शिफ ने एक बार फिर निवेशकों को बड़ा अलर्ट दिया है। उनका कहना है कि अमेरिकी डॉलर पर बड़ा संकट मंडरा रहा है और आने वाले समय में सोना उसकी जगह ले सकता है। शिफ ने चेतावनी दी है कि दुनिया एक ऐसे आर्थिक झटके की ओर बढ़ रही है, जो 2008 की मंदी से भी ज्यादा गंभीर हो सकता है और खासतौर पर अमेरिकी अर्थव्यवस्था को हिला सकता है। उनके इस बयान ने निवेशकों और मार्केट एक्सपर्ट के बीच हड़कंप मचा दिया है
एक इंटरव्यू में शिफ ने कहा कि कई देश और केंद्रीय बैंक धीरे-धीरे अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी बॉन्ड से दूरी बना रहे हैं और अपने भंडार में सोना बढ़ा रहे हैं। उनके मुताबिक यह बदलाव वैश्विक मौद्रिक प्रणाली में गहरे संरचनात्मक परिवर्तन का संकेत है। उन्होंने दावा किया कि निवेशक और सरकारें डॉलर पर निर्भरता कम करके सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर झुक रही हैं।
शिफ ने यह भी कहा कि मौजूदा संकट को अभी लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उनका मानना है कि इस बार संकट का असर मुख्य रूप से अमेरिका पर होगा, जबकि 2008 की तरह पूरी दुनिया में एक साथ मंदी देखने को नहीं मिलेगी। उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मौजूदा मजबूती पर भी सवाल उठाए और कहा कि हालात उतने मजबूत नहीं हैं जितना दिखाया जा रहा है।
पीटर शिफ को ‘डॉक्टर डूम’ के नाम से भी जाना जाता है। वह यूरो पैसिफिक एसेट मैनेजमेंट के फाउंडर हैं और लंबे समय से फिएट करेंसी और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीतियों के आलोचक रहे हैं। शिफ लगातार सोना और अन्य कीमती धातुओं में निवेश की सलाह देते रहे हैं और उनकी भविष्यवाणियां निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती हैं।