Edited By jyoti choudhary,Updated: 30 Jan, 2026 12:34 PM

मजबूत डॉलर और मुनाफावसूली के दबाव के चलते वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, इसके बावजूद सोना 1980 के बाद अपने सबसे बड़े मासिक उछाल की ओर बढ़ रहा है। भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक...
बिजनेस डेस्कः मजबूत डॉलर और मुनाफावसूली के दबाव के चलते वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, इसके बावजूद सोना 1980 के बाद अपने सबसे बड़े मासिक उछाल की ओर बढ़ रहा है। भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक लगातार सेफ-हेवन के तौर पर सोने का रुख कर रहे हैं। इस बीच एनालिस्ट्स का कहना है कि सोने की कीमतों में अभी तेजी आएगी और UBS, मॉर्गन स्टेनली सोने का टारगेट प्राइस बढ़ा दिया है।
इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 3.18% टूटकर 5149.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। कारोबार के दौरान इसमें 4.6% तक की तेज गिरावट आई और भाव 5149.99 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया था, हालांकि बाद में इसमें रिकवरी देखने को मिली। इससे एक दिन पहले सोना 5594.82 डॉलर प्रति औंस के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा था। जनवरी महीने में अब तक सोने की कीमतों में 24% से अधिक की बढ़त दर्ज की जा चुकी है और यह लगातार छठे महीने मजबूती की ओर बढ़ रहा है।
चांदी का हाल
वैश्विक बाजार में चांदी के भाव में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। यह 4.53% गिरकर 109.25 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। सत्र के दौरान चांदी 6.6% तक टूटकर 108.84 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गई थी। गुरुवार को चांदी 121.64 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंची थी। इस महीने अब तक चांदी में 62% की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है, जो किसी एक महीने की सबसे मजबूत परफॉर्मेंस मानी जा रही है।
आगे सोने का रुख
एनालिस्ट्स का मानना है कि सोने में तेजी की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। UBS ने मार्च, जून और सितंबर 2026 के लिए सोने का टारगेट बढ़ाकर 6200 डॉलर प्रति औंस कर दिया है, जो पहले 5000 डॉलर था। सोसाइटी जनरल का अनुमान है कि साल के अंत तक सोना 6000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। वहीं मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, बुल केस में सोना 5700 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है।