एयरलाइंस को बड़ी राहत, पार्किंग-लैंडिंग चार्ज घटे; क्या सस्ता होगा टिकट?

Edited By Updated: 08 Apr, 2026 03:27 PM

major relief for airlines steep cuts in parking and landing fees

भारत के एयरपोर्ट टैरिफ रेगुलेटर हवाई अड्डा आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (AERA) ने बड़े एयरपोर्ट्स को निर्देश दिया है कि वे घरेलू उड़ानों के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25% की अस्थायी कटौती करें। यह राहत तीन महीने के लिए दी गई है और इसका उद्देश्य...

बिजनेस डेस्कः भारत के एयरपोर्ट टैरिफ रेगुलेटर हवाई अड्डा आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (AERA) ने बड़े एयरपोर्ट्स को निर्देश दिया है कि वे घरेलू उड़ानों के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25% की अस्थायी कटौती करें। यह राहत तीन महीने के लिए दी गई है और इसका उद्देश्य ईरान संघर्ष के चलते दबाव झेल रही एयरलाइंस को सहारा देना है।

यह फैसला IndiGo और Air India जैसी एयरलाइंस की मांग के बाद लिया गया, जो बढ़ती लागत और पाकिस्तान के ऊपर से उड़ान पर प्रतिबंध के कारण दोहरे दबाव में हैं।

तुरंत लागू, बाद में होगी भरपाई

AERA ने स्पष्ट किया कि यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू होगी। हालांकि, इससे होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई भविष्य में टैरिफ रिव्यू के दौरान की जाएगी। एयरलाइन इंडस्ट्री के लिए एयरपोर्ट और एयर नेविगेशन चार्ज, ईंधन और कर्मचारियों के वेतन के बाद तीसरा सबसे बड़ा खर्च होता है। ऐसे में यह कदम कंपनियों को कुछ राहत देगा।

जेट फ्यूल महंगा, टिकट सस्ते नहीं होंगे

अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (IATA) के प्रमुख Willie Walsh के मुताबिक, जेट फ्यूल की कीमतें फिलहाल ऊंची बनी रहेंगी, जिससे हवाई किराए भी महंगे रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भले ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है लेकिन जेट फ्यूल पर इसका असर धीरे-धीरे दिखेगा और टिकट कीमतों में तुरंत राहत नहीं मिलेगी।

कच्चे तेल में गिरावट, लेकिन सप्लाई अभी बाधित

Brent Crude की कीमतों में करीब 16% की गिरावट दर्ज की गई है और यह $100 प्रति बैरल से नीचे आ गया है। यह गिरावट अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष विराम के बाद आई।

हालांकि, Strait of Hormuz के खुलने के बावजूद शिपिंग सेवाएं पूरी तरह सामान्य होने में समय लगेगा। फारस की खाड़ी में अभी भी सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं, जिससे सप्लाई चेन पर असर बना हुआ है।

शेयर बाजार में सकारात्मक असर

इस बीच, इंडिगो के शेयरों में करीब 10% तक उछाल देखा गया और यह अपर सर्किट पर पहुंच गया। निवेशकों ने राहत उपायों और वैश्विक तनाव में कमी को सकारात्मक संकेत के रूप में लिया।
 
 

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