Edited By jyoti choudhary,Updated: 02 Apr, 2026 05:36 PM

बढ़ती लागत के दबाव के बीच देश में टायर की कीमतों में जल्द बढ़ोतरी हो सकती है। मार्च 2026 में कच्चे तेल और प्राकृतिक रबर के दाम में आई तेज उछाल के कारण टायर कंपनियां कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। ग्लोबल स्तर पर 1–5% तक दाम बढ़ाने की शुरुआत हो...
बिजनेस डेस्क: बढ़ती लागत के दबाव के बीच देश में टायर की कीमतों में जल्द बढ़ोतरी हो सकती है। मार्च 2026 में कच्चे तेल और प्राकृतिक रबर के दाम में आई तेज उछाल के कारण टायर कंपनियां कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। ग्लोबल स्तर पर 1–5% तक दाम बढ़ाने की शुरुआत हो चुकी है, वहीं भारत में MRF, Apollo Tyres, JK Tyre और CEAT जैसी कंपनियां लागत दबाव से जूझ रही हैं।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
टायर बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की लागत में भारी बढ़ोतरी इसकी मुख्य वजह है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से सिंथेटिक रबर, कार्बन ब्लैक और प्रोसेसिंग ऑयल 15–40% तक महंगे हो गए हैं। प्राकृतिक रबर, जो टायर लागत का 40–45% हिस्सा होता है, ₹18,500 से बढ़कर ₹21,600 प्रति 100 किलो तक पहुंच गया है। रुपए की कमजोरी और शिपिंग लागत बढ़ने से आयात और महंगा हो गया है।
कंपनियों पर दबाव
विश्लेषकों के अनुसार, इस लागत वृद्धि से टायर कंपनियों के मार्जिन पर करीब 4% तक असर पड़ सकता है। ऐसे में कई कंपनियां अप्रैल 2026 से 2–5% तक कीमतें बढ़ाने की तैयारी में हैं, खासकर रिप्लेसमेंट मार्केट में।
आम आदमी पर असर
बाइक/स्कूटर टायर: ₹200–₹500 तक महंगे
कार टायर: ₹1,000–₹3,000 तक बढ़ सकते हैं
ट्रक-बस टायर: महंगे होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी, जिससे रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो सकती हैं
किसानों के लिए भी ट्रैक्टर टायर महंगे होने से खेती की लागत बढ़ने की आशंका है। वहीं ऑटो कंपनियों के लिए भी नई गाड़ियों की कीमतों पर असर पड़ सकता है।