एयरलाइन कंपनियों के सामने हैं बड़ी चुनौतियां, स्थिति सुधरने की उम्मीद: DGCA

Edited By Updated: 26 Mar, 2026 05:55 PM

airlines face major challenges situation expected to improve

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा है कि वह एक ओर यात्रियों के अधिकारों को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है, वहीं दूसरी ओर एयरलाइन कंपनियों के लिए कामकाज को आसान बनाने के प्रयास भी कर रहा है, ताकि वे आगे बढ़ सकें और बेहतर

बिजनेस डेस्कः नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा है कि वह एक ओर यात्रियों के अधिकारों को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है, वहीं दूसरी ओर एयरलाइन कंपनियों के लिए कामकाज को आसान बनाने के प्रयास भी कर रहा है, ताकि वे आगे बढ़ सकें और बेहतर प्रदर्शन कर सकें। नागर विमानन महानिदेशक फैज अहमद किदवई ने कहा कि इस समय एयरलाइन कंपनियों के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं, जिनमें हवाई क्षेत्र से जुड़ी पाबंदियों के कारण लंबा मार्ग अपनाना और परिचालन लागत में बढ़ोतरी शामिल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में हालात बेहतर होंगे। 

डीजीसीए महानिदेशक किदवई ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष भी विमानन क्षेत्र के लिए नई मुश्किलें पैदा कर रहा है, जिसके कारण कई कंपनियों ने उस क्षेत्र के लिए अपनी सेवाएं कम कर दी हैं। उन्होंने कहा, "हम केवल यात्रियों के अधिकारों पर ही ध्यान नहीं दे रहे हैं, बल्कि एयरलाइन कंपनियों के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाकर उनके लिए कारोबार करना आसान बनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे आगे बढ़ सकें।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत में पहले कई एयरलाइन कंपनियां बंद हो चुकी हैं, इसलिए मौजूदा कंपनियों को सहयोग देना जरूरी है। 

भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक है और इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार तथा नियामक संस्थाएं लगातार कदम उठा रही हैं। हाल ही में यह निर्णय लिया गया कि घरेलू उड़ानों में 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, दिसंबर, 2025 में एक एयरलाइन कंपनी में आई परिचालन बाधा के बाद लगाई गई किराया सीमा को भी हटा लिया गया है। किदवई ने कहा कि पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण भारतीय एयरलाइन कंपनियों को लंबा मार्ग अपनाना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ रही है और लागत भी बढ़ रही है। 

उन्होंने कहा कि अधिक ईंधन ले जाने के कारण विमान में यात्रियों और माल के लिए जगह कम हो जाती है, जिससे कंपनियों की आय पर भी असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इन सभी कारणों से विमानन क्षेत्र पर दबाव है लेकिन उम्मीद है कि आने वाले समय में स्थिति बेहतर होगी। किदवई ने राष्ट्रीय राजधानी में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) द्वारा आयोजित विमानन और पर्यटन सम्मेलन में यह बात कहीं। 
 

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