अब बिना OTP के होगा वेरिफिकेशन, बैंक ला रहे नई टेक्नोलॉजी

Edited By Updated: 03 Apr, 2026 01:13 PM

verification to now take place without otp banks introducing new technology

देश के बड़े प्राइवेट बैंक और टेलिकॉम कंपनियां अब डिजिटल सुरक्षा को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी में हैं। पारंपरिक OTP (वन-टाइम पासवर्ड) सिस्टम को धीरे-धीरे हटाकर उसकी जगह ‘साइलेंट ऑथेंटिकेशन’ मैकेनिज्म लाने पर काम हो रहा है।

बिजनेस डेस्कः देश के बड़े प्राइवेट बैंक और टेलिकॉम कंपनियां अब डिजिटल सुरक्षा को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी में हैं। पारंपरिक OTP (वन-टाइम पासवर्ड) सिस्टम को धीरे-धीरे हटाकर उसकी जगह ‘साइलेंट ऑथेंटिकेशन’ मैकेनिज्म लाने पर काम हो रहा है।

इस नई तकनीक के तहत बैंक बैकग्राउंड में ही यह जांच करेंगे कि बैंक ऐप से जुड़ा मोबाइल नंबर उसी फोन में मौजूद सिम से मैच कर रहा है या नहीं। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो ट्रांजैक्शन को तुरंत संदिग्ध मानकर ब्लॉक किया जा सकता है। खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में ग्राहक को कोई अतिरिक्त स्टेप नहीं करना होगा और यह eSIM पर भी प्रभावी तरीके से काम करेगी।

इस बदलाव का उद्देश्य

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य सिम क्लोनिंग और eSIM स्वैप जैसे फ्रॉड को रोकना है, जिनके जरिए धोखेबाज अक्सर OTP हासिल कर लेते हैं। एक्सिस बैंक के डिजिटल बिजनेस हेड समीर शेट्टी के मुताबिक, टेलिकॉम कंपनियों के साथ मिलकर इस सिस्टम के ट्रायल जारी हैं। यदि किसी डिवाइस में रजिस्टर्ड नंबर से अलग सिम पाई जाती है, तो मोबाइल नेटवर्क तुरंत अलर्ट भेज देगा, जिससे बैंक संभावित धोखाधड़ी का समय रहते पता लगा सकेंगे।

इस पर भी हो रहा विचार

इसके अलावा, टेलिकॉम कंपनियां SMS की बजाय अपने ऐप्स के जरिए OTP भेजने के विकल्प पर भी विचार कर रही हैं, ताकि हैकिंग के जोखिम को कम किया जा सके। यह पूरी पहल रिजर्व बैंक के उस निर्देश के अनुरूप है, जिसमें 1 अप्रैल से डिजिटल लेनदेन के लिए दो-स्तरीय सुरक्षा अनिवार्य कर दी गई है।
 

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