सुप्रीम कोर्ट से वेदांता को झटका, अडानी के ₹14,535 करोड़ प्लान पर रोक से इनकार

Edited By Updated: 06 Apr, 2026 05:30 PM

setback for vedanta from supreme court refusal to stay adani s 14 535 crore pla

सुप्रीम कोर्ट ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के अधिग्रहण से जुड़े राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (एनसीएलएटी) के आदेश में हस्तक्षेप करने से सोमवार को इनकार कर दिया। एनसीएलएटी ने अडानी समूह की 14,535 करोड़ रुपए की बोली के जरिए जेएएल के...

बिजनेस डेस्कः सुप्रीम कोर्ट ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के अधिग्रहण से जुड़े राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (एनसीएलएटी) के आदेश में हस्तक्षेप करने से सोमवार को इनकार कर दिया। एनसीएलएटी ने अडानी समूह की 14,535 करोड़ रुपए की बोली के जरिए जेएएल के अधिग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था जिसके बाद वेदांता लिमिटेड ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। 

शीर्ष अदालत ने साथ ही जेएएल की निगरानी समिति पर एनसीएलएटी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी बड़ा नीतिगत निर्णय लेने पर रोक लगा दी। अदालत ने वेदांता लिमिटेड और सफल समाधान आवेदक अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड से कहा कि वे अपने तर्क एवं प्रतिदावे एनसीएलएटी के समक्ष रखें। एनसीएलएटी इस विवाद पर 10 अप्रैल से अंतिम सुनवाई शुरू करेगा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने अडानी समूह द्वारा जेएएल के अधिग्रहण से जुड़े विवाद पर दायर याचिका और जवाबी याचिका पर एनसीएलएटी से शीघ्र निर्णय लेने को कहा। 

इससे पहले वेदांता लिमिटेड ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर अडानी समूह की 14,535 करोड़ रुपए की बोली को मंजूरी देने वाले आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। वेदांता ने 25 मार्च को यह अपील दायर की थी जो एनसीएलएटी द्वारा 24 मार्च को योजना के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार करने के एक दिन बाद की गई थी। दिवाला अपीलीय अधिकरण ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा जेएएल के अधिग्रहण के लिए अडानी समूह की बोली को मंजूरी देने वाले आदेश के खिलाफ वेदांता समूह की याचिका पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था। 

एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने जेएएल की ऋणदाता समिति (सीओसी) से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा था और मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को तय की थी। वेदांता समूह भी दिवाला प्रक्रिया के तहत जेएएल के अधिग्रहण की दौड़ में शामिल था लेकिन पिछले साल नवंबर में ऋणदाताओं ने अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की समाधान योजना को मंजूरी दे दी जिसे बाद में एनसीएलटी ने भी स्वीकृति दे दी। इस आदेश को चुनौती देते हुए वेदांता समूह ने एनसीएलएटी में दो अपील दायर की हैं। पहली अपील में समाधान योजना की वैधता को जबकि दूसरी में ऋणदाता समिति एवं एनसीएलटी द्वारा योजना को दी गई मंजूरी को चुनौती दी गई है। 

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!