Edited By jyoti choudhary,Updated: 24 Jan, 2026 11:22 AM

सिल्वर ने 23 जनवरी को इतिहास रच दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई। लगातार रिकॉर्ड बना रही चांदी को शंघाई से लेकर न्यूयॉर्क तक रिटेल खरीदारी का मजबूत सहारा मिल रहा है। सुरक्षित निवेश के तौर पर...
बिजनेस डेस्कः सिल्वर ने 23 जनवरी को इतिहास रच दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई। लगातार रिकॉर्ड बना रही चांदी को शंघाई से लेकर न्यूयॉर्क तक रिटेल खरीदारी का मजबूत सहारा मिल रहा है। सुरक्षित निवेश के तौर पर बढ़ती मांग ने भी इसकी कीमतों को नई ऊंचाई तक पहुंचाया है।
4% उछाल के साथ 100 डॉलर के पार, 2026 में अब तक 40% रिटर्न
शुक्रवार 23 जनवरी को स्पॉट सिल्वर 4.2 फीसदी की तेजी के साथ 100.29 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसके साथ ही 2026 में अब तक सिल्वर का रिटर्न करीब 40 फीसदी हो चुका है। इससे पहले 2025 में भी चांदी ने निवेशकों को चौंकाते हुए शानदार रिटर्न दिया था, जब इसकी कीमतें दोगुनी से भी ज्यादा हो गई थीं।
इसी दिन गोल्ड में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सोने की कीमतें 5,000 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गईं और पहली बार इस ऐतिहासिक स्तर को छूने के बेहद करीब रहीं।
ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद तेज हुई सोने-चांदी की चाल
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद से गोल्ड और सिल्वर में तेजी का रुझान देखने को मिल रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता, टैरिफ से पैदा हो रही व्यापारिक बाधाएं, जियोपॉलिटिकल तनाव और नरम मौद्रिक नीति के संकेतों ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है।
जियोपॉलिटिकल तनाव और सप्लाई संकट से चांदी को सपोर्ट
अमेरिकी टैरिफ के असर की आशंका के चलते चांदी को न्यूयॉर्क भेजने की होड़ देखी गई, जिससे पिछले साल अक्टूबर में लंदन मार्केट में सिल्वर की कमी हो गई थी। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा। मौजूदा हफ्ते में चांदी की तेजी के पीछे अमेरिका और यूरोपीय संघ के बिगड़ते रिश्ते, रूस-यूक्रेन युद्ध पर कोई ठोस समाधान न निकलना और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वायत्तता को लेकर बढ़ती चिंताओं को अहम वजह माना जा रहा है।
सप्लाई-डिमांड गैप ने बढ़ाई निवेशकों की दिलचस्पी
ग्लोबल मार्केट में बीते पांच सालों से सिल्वर की सप्लाई, डिमांड के मुकाबले कम बनी हुई है। कीमतों में लगातार उछाल के चलते रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी भी तेजी से बढ़ी है। चीन में निवेशक चांदी को गोल्ड के एक मजबूत विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।
कई वैश्विक बैंकों ने पहले ही चांदी के तीन अंकों (डॉलर प्रति औंस) में पहुंचने का अनुमान जताया था। जनवरी में सिटीग्रुप ने अपनी रिपोर्ट में सिल्वर का शॉर्ट-टर्म टारगेट बढ़ाकर 100 डॉलर प्रति औंस कर दिया था। बैंक ने गोल्ड के भी 5,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान दिया था।
न्यूयॉर्क में सोना 4,961 डॉलर के पार, साप्ताहिक रिटर्न 8% तक संभव
23 जनवरी को न्यूयॉर्क में सुबह 11:02 बजे (स्थानीय समय) स्पॉट गोल्ड 4,961.74 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। इस हफ्ते सोने का रिटर्न करीब 8 फीसदी रहने का अनुमान है, जो मार्च 2020 के बाद किसी एक हफ्ते में सबसे मजबूत प्रदर्शन होगा। इसी दौरान प्लैटिनम की कीमतें भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं।