Edited By Tanuja,Updated: 11 Mar, 2026 04:55 PM

अमेरिका-ईरान युद्ध का 12वां दिन बेहद तनावपूर्ण रहा। लेबनान में इजरायली ड्रोन हमले, 7.8 लाख लोगों का विस्थापन और व्हाइट फॉस्फोरस इस्तेमाल के आरोप सामने आए हैं। हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच भी हमले जारी हैं, जबकि ओमान में ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया।
International Desk: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के 12वें दिन हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर अब Lebanon में दिखाई दे रहा है, जहां लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक इजरायली हमलों के कारण लेबनान में करीब 7,80,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं। लगातार हो रही बमबारी और सैन्य कार्रवाई के कारण कई शहरों और गांवों से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
कतर की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दक्षिणी लेबनान के Saf al‑Hawa इलाके में एक इजरायली ड्रोन हमले में एक SUV को निशाना बनाया गया। हमले के बाद इलाके में भारी तनाव का माहौल बन गया। इस बीच मानवाधिकार संगठन Human Rights Watch ने गंभीर आरोप लगाया है कि इजरायली सेना ने लेबनान के Yohmor शहर के रिहायशी इलाकों में व्हाइट फॉस्फोरस का इस्तेमाल किया। व्हाइट फॉस्फोरस एक रासायनिक पदार्थ होता है जो हवा के संपर्क में आते ही जलने लगता है। इसे आमतौर पर सेना धुएं की आड़ बनाने या हवाई हमलों के लिए लक्ष्य चिन्हित करने के लिए इस्तेमाल करती है।
ईरान समर्थित संगठन Hezbollah ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में कई इजरायली सैन्य ठिकानों को रॉकेट से निशाना बनाया है। संगठन का कहना है कि हाल के दिनों में उसने बार-बार ऐसे हमले किए हैं। वहीं Oman की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार एक ड्रोन को इंटरसेप्ट कर गिरा दिया गया, जबकि दूसरा ड्रोन Duqm शहर के उत्तर में समुद्र में गिर गया। अधिकारियों के अनुसार इस घटना में कोई हताहत या नुकसान नहीं हुआ। ओमान सरकार ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा है कि देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।