Edited By jyoti choudhary,Updated: 19 Jan, 2026 12:08 PM

देश की दिग्गज माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड को ओडिशा सरकार से बड़ा झटका लगा है। राज्य सरकार ने वेदांता की सहायक कंपनी ESL Steel Limited को ₹1,255 करोड़ से अधिक का डिमांड नोटिस जारी किया है। यह नोटिस खनन उत्पादन में कथित कमी और नियमों के उल्लंघन से...
बिजनेस डेस्कः देश की दिग्गज माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड को ओडिशा सरकार से बड़ा झटका लगा है। राज्य सरकार ने वेदांता की सहायक कंपनी ESL Steel Limited को ₹1,255 करोड़ से अधिक का डिमांड नोटिस जारी किया है। यह नोटिस खनन उत्पादन में कथित कमी और नियमों के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है, जिससे बाजार में हलचल मच गई है।
क्यों भेजा गया इतना बड़ा डिमांड नोटिस?
यह पूरा मामला ओडिशा के क्योंझर जिले के कोइरा सर्किल से जुड़ा है। डिप्टी डायरेक्टर ऑफ माइंस के कार्यालय ने ESL Steel को दो अलग-अलग नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों के तहत कंपनी से कुल ₹12,55,37,61,591 (करीब ₹1,255 करोड़) जमा करने को कहा गया है।
सरकार का आरोप है कि कंपनी ने अपने खनन पट्टों में तय न्यूनतम उत्पादन और डिस्पैच लक्ष्य पूरे नहीं किए। यह मामला मिनरल्स कंसेशन रूल्स, 2016 के नियम 12(A) के तहत आता है। नियमों के मुताबिक, खदान आवंटन के बाद कंपनियों को हर साल न्यूनतम तय मात्रा में खनन और डिस्पैच करना अनिवार्य होता है।
किन खदानों को लेकर विवाद?
यह विवाद ESL Steel की BICO और Feegrade माइनिंग लीज से जुड़ा है। कंपनी और सरकार के बीच 15 नवंबर 2021 को माइन डेवलपमेंट एंड प्रोडक्शन एग्रीमेंट (MDPA) किया गया था। सरकारी नोटिस के अनुसार, खदानों के संचालन के चौथे वर्ष में तय उत्पादन और डिस्पैच लक्ष्य पूरे नहीं किए गए।
नियमों के अनुसार, यदि कोई कंपनी तय सीमा से कम खनन करती है, तो उसे उस कमी के एवज में सरकार को जुर्माना या निर्धारित शुल्क देना होता है। इसी आधार पर यह भारी-भरकम मांग की गई है।
कंपनी ने किया विरोध, कानूनी लड़ाई की तैयारी
ESL Steel ने सरकार की इस मांग पर आपत्ति जताई है। कंपनी का कहना है कि डिमांड नोटिस में दी गई गणना और आधार कानूनी और तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने बताया कि वह नोटिस की विस्तृत समीक्षा कर रही है और अपने हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कानूनी विकल्प अपनाएगी। इसमें कोर्ट से इस मांग पर रोक (स्टे) लगाने और नोटिस को रद्द कराने की प्रक्रिया भी शामिल है।
कंपनी का दावा है कि कानूनी मोर्चे पर उसका पक्ष मजबूत है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार के कारोबारी सत्र में वेदांता लिमिटेड का शेयर 0.78% की तेजी के साथ ₹681.05 पर बंद हुआ था।