Edited By Sarita Thapa,Updated: 01 Jan, 2026 12:59 PM

नववर्ष 2026 के पहले दिन उज्जैन स्थित बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। गुरुवार तड़के सुबह 4 बजे आयोजित भस्म आरती में देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बाबा महाकाल के दर्शन कर नववर्ष की...
2026 Begins with Mahakal Blessings : नववर्ष 2026 के पहले दिन उज्जैन स्थित बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। गुरुवार तड़के सुबह 4 बजे आयोजित भस्म आरती में देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बाबा महाकाल के दर्शन कर नववर्ष की शुरुआत की।
नववर्ष के अवसर पर मंदिर के कपाट खुलते ही भगवान महाकाल का विधि-विधान से जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक हुआ। अभिषेक के पश्चात भगवान महाकाल का राजा स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया। मस्तक पर रजत त्रिपुंड, रजत त्रिशूल, शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला और रजत जड़ी रुद्राक्ष की माला धारण कराई गई। साथ ही मोगरे, सुगंधित पुष्पों और सूखे मेवों की मालाएं अर्पित की गईं।
भस्म आरती के दौरान महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। पूरे मंदिर परिसर में “जय महाकाल” के जयघोष गूंजते रहे। फल-मिष्ठान का भोग लगाकर आरती संपन्न हुई। भस्म आरती के बाद दिनभर श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला देर रात 11 बजे तक जारी रहेगा।
नववर्ष के पहले दिन लगभग 2.5 लाख श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, 200 सीसीटीवी कैमरे, 5 ड्रोन, अश्वरोही दल, 1200 पुलिसकर्मी और 150 महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर पूरे वर्ष के लिए सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
विशाल ठाकुर
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