Edited By Prachi Sharma,Updated: 03 Mar, 2026 11:36 AM

Ujjain Mahakal Holi 2026 : श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार को फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर होली का पर्व पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। तड़के सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती में बाबा महाकाल के साथ पुजारी-पुरोहितों ने हर्बल गुलाल से होली खेली।
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Ujjain Mahakal Holi 2026 : श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार को फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर होली का पर्व पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। तड़के सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती में बाबा महाकाल के साथ पुजारी-पुरोहितों ने हर्बल गुलाल से होली खेली। भगवान शिव के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय को भी गुलाल अर्पित किया गया। नंदी जी का विधिवत स्नान, ध्यान और पूजन संपन्न हुआ।
भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का हरि ओम जल से अभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भगवान ने रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष माला और पुष्पहार धारण किए। भांग, फल और मिठाइयों का भोग अर्पित किया गया तथा श्रद्धालुओं पर भी गुलाल उड़ाकर उत्सव मनाया गया।
इधर, 3 मार्च 2026 को पड़ रहे चंद्र ग्रहण के चलते मंदिर की पूजा पद्धति में बदलाव किया गया है। शाम 6:32 से 6:46 बजे तक ग्रहण रहेगा जबकि वेध काल सूर्योदय से प्रारंभ हो गया। वेध काल में सुबह की दद्योदक एवं भोग आरती में केवल शक्कर का भोग अर्पित किया जाएगा।
महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्रहण के दौरान मंदिर के पट बंद नहीं किए जाएंगे और श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर का शुद्धिकरण, भगवान का पुनः स्नान और विधिवत पूजन कर नियमित भोग अर्पित किया जाएगा, जिसके बाद संध्या आरती संपन्न होगी।
विशाल ठाकुर