Kedarnath Dham Yatra 2026 : केदारनाथ यात्रा में बड़ा बदलाव ! बीमा-फिटनेस के बिना नहीं चलेंगे घोड़े-खच्चर

Edited By Updated: 28 Feb, 2026 10:50 AM

kedarnath dham yatra 2026

Kedarnath Dham Yatra 2026 : आस्था के प्रतीक केदारनाथ धाम की यात्रा नजदीक आते ही प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार यात्रा मार्ग पर सेवाएं देने वाले घोड़े और खच्चरों के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। अब बिना बीमा, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और...

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Kedarnath Dham Yatra 2026 : आस्था के प्रतीक केदारनाथ धाम की यात्रा नजदीक आते ही प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार यात्रा मार्ग पर सेवाएं देने वाले घोड़े और खच्चरों के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। अब बिना बीमा, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और आधिकारिक पंजीकरण के किसी भी पशु को संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी।

26 फरवरी से विशेष अभियान शुरू
पशुपालन विभाग 26 फरवरी से व्यापक जांच और पंजीकरण अभियान शुरू करेगा। यात्रा आरंभ होने से लगभग डेढ़ माह पहले सभी पशुओं की स्वास्थ्य जांच, बीमा और रजिस्ट्रेशन पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। होली तक तीन से चार विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। अवकाश के बाद यह अभियान फिर से चलाया जाएगा ताकि कोई पशु बिना जांच के न रह जाए। पशुपालकों की सुविधा के लिए प्रतिदिन दो शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में एक ही स्थान पर स्वास्थ्य परीक्षण, दस्तावेजों की जांच और बीमा प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी पशुओं का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।

ऑनलाइन होगा बीमा भुगतान
इस बार बीमा प्रीमियम केवल ऑनलाइन माध्यम से ही जमा किया जाएगा। शिविरों में नकद भुगतान स्वीकार नहीं होगा। अधिकारियों के अनुसार, इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और गड़बड़ियों की संभावना कम होगी। जिन पशुओं के पास वैध दस्तावेज और ऑनलाइन बीमा भुगतान नहीं होगा, उन्हें यात्रा मार्ग पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव गोयल ने बताया कि गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक की कठिन चढ़ाई में बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन पशुओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में उनका स्वस्थ और बीमित होना जरूरी है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे समय पर शिविरों में पहुंचकर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके।

इस वर्ष प्रशासन ने चारधाम यात्रा को लेकर विशेष सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा, पारदर्शिता और अनुशासन पर खास जोर दिया है। घोड़े-खच्चरों के लिए अनिवार्य बीमा और फिटनेस नियम इसी दिशा में उठाया गया अहम कदम है, जिससे यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!