Edited By Prachi Sharma,Updated: 23 Feb, 2026 03:26 PM

Amalaki Ekadashi 2026 : हिंदू धर्म में आमलकी एकादशी को मोक्ष प्रदायिनी और सभी कार्यों को सिद्ध करने वाली तिथि माना गया है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष विधान है, जिसमें भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास माना...
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Amalaki Ekadashi 2026 : हिंदू धर्म में आमलकी एकादशी को मोक्ष प्रदायिनी और सभी कार्यों को सिद्ध करने वाली तिथि माना गया है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष विधान है, जिसमें भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, यदि आपके जीवन में लंबे समय से काम अटक रहे हैं, आर्थिक तंगी पीछा नहीं छोड़ रही है या मानसिक शांति का अभाव है, तो आमलकी एकादशी के दिन किए गए विशेष मंत्रों का जाप आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। आइए जानते हैं उन शक्तिशाली मंत्रों और उनकी जाप विधि के बारे में।
भगवान विष्णु का मूल मंत्र
किसी भी कार्य की शुरुआत में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए भगवान विष्णु के मूल मंत्र का जाप सबसे प्रभावी माना जाता है।
मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
लाभ: यह मंत्र ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जा को आपकी ओर आकर्षित करता है। यदि आपके व्यापार या करियर में बार-बार अड़चनें आ रही हैं, तो एकादशी की सुबह तुलसी या चंदन की माला से इस मंत्र का 108 बार जाप करें।
अटके काम पूरे करने का मंत्र
यदि आपकी कोई विशेष मनोकामना है जो लंबे समय से अधूरी है, तो श्री हरि के इस स्तुति मंत्र का जाप करें:
मंत्र: मंगलम भगवान विष्णुः, मंगलम गरुड़ध्वजः। मङ्गलं पुण्डरीकाक्षः, मंलाय तनो हरिः॥
लाभ: यह मंत्र वातावरण में शुभता का संचार करता है। आमलकी एकादशी के दिन आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर इस मंत्र का जाप करने से भाग्य का साथ मिलना शुरू हो जाता है।

आर्थिक समृद्धि और लक्ष्मी प्राप्ति मंत्र
आमलकी एकादशी पर आंवले की पूजा का अर्थ है माता लक्ष्मी को आमंत्रित करना। धन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए इस मंत्र का सहारा लें:
मंत्र: "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं लक्ष्मी नारायणाय नमः"
लाभ: इस मंत्र के जाप से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त कृपा प्राप्त होती है। एकादशी की शाम को घी का दीपक जलाकर इस मंत्र का जाप करने से घर की दरिद्रता दूर होती है।
आमलकी पूजन मंत्र
इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करते समय इस मंत्र का उच्चारण करना अनिवार्य माना गया है:
ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
विधि: आंवले के वृक्ष को जल चढ़ाते समय और उसकी परिक्रमा करते समय इस मंत्र को बोलें। इससे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
सर्वबाधा मुक्ति मंत्र
यदि आपको लगता है कि किसी की बुरी नजर या नकारात्मक शक्ति के कारण आपके काम रुक रहे हैं तो गजेंद्र मोक्ष के इस अंश का पाठ करें:
मंत्र: ॐ श्री गजेन्द्र मोक्ष नमः
लाभ: यह मंत्र शत्रुओं पर विजय और अदृश्य बाधाओं से मुक्ति दिलाने के लिए अचूक माना जाता है।
