Rangbhari Ekadashi 2026 : घर में सुख-समृद्धि चाहते हैं तो रंगभरी एकादशी पर जरूर करें ये 4 काम

Edited By Updated: 23 Feb, 2026 03:07 PM

rangbhari ekadashi 2026

Rangbhari Ekadashi 2026 : हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी या आमलकी एकादशी के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन तिथि 28 फरवरी को पड़ रही है। यह एकमात्र ऐसी एकादशी है जिसका संबंध भगवान विष्णु के...

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Rangbhari Ekadashi 2026 : हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी या आमलकी एकादशी के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन तिथि 28 फरवरी को पड़ रही है। यह एकमात्र ऐसी एकादशी है जिसका संबंध भगवान विष्णु के साथ-साथ महादेव से भी है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती का गौना कराकर पहली बार काशी आए थे इसीलिए काशी में इस दिन जमकर अबीर-गुलाल उड़ाया जाता है। शास्त्रों में तुलसी को हरि प्रिया कहा गया है, यानी भगवान विष्णु को सबसे प्रिय। रंगभरी एकादशी के दिन यदि तुलसी से जुड़े कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए विस्तार से जानते हैं रंगभरी एकादशी पर किए जाने वाले तुलसी के 4 अचूक उपाय।

Rangbhari Ekadashi 2026

रंगभरी एकादशी के दिन तुलसी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन इस तिथि पर तुलसी को जल अर्पित करना या पत्ते तोड़ना निषिद्ध होता है। इसलिए पूजा में उपयोग के लिए तुलसी के पत्ते और मंजरी एक दिन पहले ही तोड़कर रख लेनी चाहिए।

इस पावन दिन तुलसी के पौधे के समीप 11 दीपक प्रज्वलित करना शुभ माना जाता है। साथ ही “महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यम तुलसी त्वम नमोस्तुते” मंत्र का 11 बार जप करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद मिलता है।

यदि कोई व्यक्ति तुलसी के पौधे की जड़ की थोड़ी-सी मिट्टी लेकर उसका तिलक माथे पर लगाए, तो उसे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। यह उपाय आत्मबल बढ़ाने में भी सहायक माना गया है।Rangbhari Ekadashi 2026

रंगभरी एकादशी पर तुलसी के पौधे पर लाल चुनरी अर्पित करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे तुलसी माता के साथ-साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है, जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है।

इस दिन तुलसी के समीप बैठकर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जप करने से इच्छित फल की प्राप्ति होती है। इसके अतिरिक्त गाय के दूध में तुलसी की मंजरी मिलाकर भगवान विष्णु को अर्पित करना भी शुभ फलदायी माना गया है।

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