Edited By Sarita Thapa,Updated: 11 Jul, 2026 08:01 AM

थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नॉर्दर्न कमांड का दौरा कर नियंत्रण रेखा (एलओसी) से लेकर कश्मीर और जम्मू के अग्रिम इलाकों तक सुरक्षा व्यवस्था, आतंकवाद-रोधी अभियानों और युद्धक तैयारियों की गहन समीक्षा की।
नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नॉर्दर्न कमांड का दौरा कर नियंत्रण रेखा (एलओसी) से लेकर कश्मीर और जम्मू के अग्रिम इलाकों तक सुरक्षा व्यवस्था, आतंकवाद-रोधी अभियानों और युद्धक तैयारियों की गहन समीक्षा की। सेना प्रमुख बनने के बाद यह उनका पहला नॉर्दर्न कमांड दौरा था।
जनरल सेठ ने चिनार और व्हाइट नाइट कॉर्प्स मुख्यालय के अलावा कुपवाड़ा, उरी, पुंछ, राजौरी और सुंदरबनी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया। उन्हें आतंकवाद-रोधी ग्रिड, निगरानी तंत्र, सीमा सुरक्षा और चल रही श्री अमरनाथ यात्रा के सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल और संवेदनशील मार्गों पर तैनाती की भी समीक्षा की। दौरे के बीच सेना प्रमुख का सैन्य अधिकारियों को लिखा संदेश भी चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन सिन्दूर 2.0 और ऑपरेशन स्नो लेपर्ड 2.0 जैसी किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हर समय तैयार रहने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि हर यूनिट में हथियार, गोला-बारूद, रसद और सैनिकों की युद्धक क्षमता की नियमित जांच होनी चाहिए। जनरल सेठ ने स्वदेशी तकनीक, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक निगरानी प्रणालियों को तेजी से अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि बदलते युद्धक्षेत्र में तकनीक और पारंपरिक सैन्य कौशल, दोनों का संतुलन ही निर्णायक होगा। उन्होंने सैनिकों के साहस और पेशेवर दक्षता की सराहना करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय सेना हर मोर्चे पर ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ पूरी तरह तैयार है।
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